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चीन ने पूरे देश में बिछाया 5जी, भारत में कब होगा 5जी का विस्तार

चीन ने फिर एक बार नई तकनीक से संपूर्ण चीनवासियों को उपहार दिया है. चीन में 50 से ज्यादा शहरों में 5जी सेवाएं शुरु कर दी गई है. भारत भी 5जी सेवाएं शुरु करने की तैयारी में जुटा हुआ है.

चीन ने पूरे देश में बिछाया 5जी, भारत में कब होगा 5जी का विस्तार

नई दिल्ली: चीन अपनी आधुनिकता को लेकर हमेशा चर्चाओं में बना रहता है. फिर से एक बार चीन 5जी को लेकर खबरों में है. चीन ने अपने 50 शहरों में 5जी की सेवाएं शुरु कर दी है. यह सेवाएं चाइना मोबाइल, चाइना यूनिकॉम, चाइना टेलीकॉम के जरिए दी जा रही है. 

50 से ज्यादा शहरों में 5जी सेवाएं

5जी इंटरनेट सेवाएं की बात करें तो यह 4जी की तुलना में 1000 गुना अधिक तेजी से काम करती है. जिसमें 8जीबी की फिल्म सिर्फ 6 सेकंड में डाउनलोड हो जाती है.

चीन ने 5जी सेवाएं सबसे पहले शहर वुझेन में शुरु किया, उसके बाद बीजिंग, शंघाई के साथ ही 50 अन्य शहरों में भी यह सेवाएं दी जा रही है.

5जी रेलवे स्टेशन का विस्तार

चीन इन सेवाओं के बाद शंघाई में पहला 5जी रेलवे स्टेशन बनाने की तैयारी में है. अनुमान है कि अगले साल की शुरुआत में शंघाई के होंगकियाओ रेलवे स्टेशन को पूर्ण रूप से 5जी सेवा से सेट कर दिया जाएगा.

इसके अलावा चीन अपने गांवों को भी डिजिटल गांव बनाने की तैयारी कर चुकी है. 

भारत में कब आएगा 5जी

5जी कनेक्टीविटी को लेकर भारत में पिछले साल से ही बातें चल रही है. लेकिन अभी तक इस पर मुहर नहीं लगीं है कि कब और किस कंपनी के जरिए इसकी शुरुआत की जाएगी.

ISRO ने ITU, US बेस्ड कंपनी के साथ साझा किया है कि 26Ghz बैंड का विकास किया जाएगा ताकि ISRO के सेटलाइट पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. खबरों की माने तो इस साल के अंत तक 5जी के विस्तार पर फैसला आ जाएगा और 2020 में 5जी को रोल आउट करने का लक्ष्य रखा गया है. 

5जी के क्या है फायदे

5जी के आने से इंटरनेट स्पीट 10 से 20 गुना ज्यादा हो जाएगी. घंटों तक डॉउनलोड होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. 

फिलहाल भारत में नेट की सर्वाधिक स्पीड 45 एमबीपीएस की है लेकिन 5जी के आने से नेट हाई फ्रीक्वेंसी बैंड पर काम करेगा जो 3.5 GHz से 26GHz की स्पीड देगा. 

5जी विस्तार को लेकर क्या है चुनौतियां

भारत में पहले से ही टेलीकॉम कंपनियों में काफी प्रतिस्पर्धा है. जिसकी वजह से कंपनियों को काफी कम मुनाफा हो रहा है और इस समय नई तकनीक को देश में लाना काफी चुनौतीर्पूण है. 5जी को लेकर कई विदेशी कंपनियां भी निवेश के लिए संकोच कर रही है.

5जी के विस्तार के लिए कम ऊंचाई वाले टॉवर को कम दूरी पर लगाने पड़ते हैं इसमें इंफॉस्टकचर को लेकर काफी निवेश  करना पड़ता है. इस समय भारत में टेलीकॉम कंपनियां मुनाफा नहीं कमा पा रही है और इस स्थिति में करोड़ों का निवेश करना काफी जोखिम भरा काम है. सूत्रों की माने तो चालू वित्त वर्ष में 5G सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी की संभावना नहीं है क्योंकि अभी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण से संपर्क करना है.