भारत के साथ आया ऑस्ट्रेलिया, चीन को लिया आड़े हाथ

भारत कूटनीतिक रूप से चीन पर भारी पड़ रहा है. दुनिया भर में कई ऐसे देश हैं जो चीन पर नाराज हैं क्योंकि चीन का कोई सगा नहीं, जिसे चीन ने ठगा नहीं.

भारत के साथ आया ऑस्ट्रेलिया, चीन को लिया आड़े हाथ

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच जारी तनाव के दौरान ऑस्ट्रेलिया खुलकर भारत के साथ आ गया है.  कोरोना वायरस के कारण चीन पर सभी देश आगबबूला हैं. कोरोना वायरस चीनी वायरस वायरस है जिसने समूची दुनिया को भीषण संकट में डाल दिया है. कोरोना वायरस पर अपने कुकृत्य छिपाने के लिए चीन ने भारत के साथ सीमा विवाद को जन्म दिया. चीन को लगता है कि भारत के साथ तनाव उत्पन्न करके चीन दुनिया का ध्यान कोरोना से भटका सकता है लेकिन चीन अपनी इस चालबाजी में नाकाम रहा.

ऑस्ट्रेलिया ने चीन को बताया उत्तरदायी

ऑस्ट्रेलिया ने चीन को आड़े हाथों लेते हुए उसके कारनामों के लिए खूब खरी खोटी सुनाई है. ऑस्ट्रेलिया खुलकर भारत के समर्थन में है. भारत से दुश्मनी चीन को बहुत महंगी पड़ रही है और चीन पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ता जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया खुलकर भारत के पक्ष में आ गया है. ऑस्ट्रेलिया के राजदूत बैरी ओ फरेल ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नियम और सिद्धांतों को लेकर स्थापित व्यवस्था का भारत और ऑस्ट्रेलिया पालन कर रहे हैं लेकिन चीन ऐसा नहीं कर रहा है.

ताकत का दुरुपयोग करता है चीन

ऑस्ट्रेलिया के राजदूत ने कहा कि चीन हमेशा अपनी ताकत का दुरुपयोग करता है. चीन छोटे देशों की रक्षा करने के बजाय उन्हें मिटाने का पाप करता है. भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझा चिंताएं हैं. उन्होंने कहा कि जब भी दुनिया को एक मंच पर लाकर वैश्विक समस्याओं के समाधान पर विचार विमर्श करने की आवश्यकता पड़ती है तब चीन कोई न कोई अड़ंगा लगाकर नया विवाद खड़ा कर देता है.

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चीन के भीतर भी शी जिनपिंग के खिलाफ विरोध

चीन के सैनिकों की मौत और भारी मात्रा में चीनी सेना को नुकसान होने की खबरों के बीच चीन में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. हॉगकांग और ताइवान में चीन के खिलाफ लोग उग्र हो गए हैं. पहले से चीन में शी जिनपिंग के खिलाफ लोग आक्रोशित हैं और कोरोना वायरस के लिये उनकी प्रशासनिक लाचारी को जिम्मेदार मानते हैं. उल्लेखनीय है कि भारत और चीन के बीच हुई झड़प से भारत के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए. भारत के शूरवीरों ने चीन को उसकी कायरता का कड़ा जवाब दिया जिसमें चीन के 43 सैनिक ढेर हो गए. चालबाज चीन की धोखेबाजी का तगड़ा और करारा जवाब भारत के पराक्रमी सैनिकों के द्वारा दिया गया.