• देश की रक्षा के लिए हमारे देश के वीर जवान क्या कर सकते हैं. यह लद्दाख में पूरी दुनिया ने देख लिया- पीएम मोदी
  • देश में प्रदूषण मुक्त ईंधन एथेनॉल का उत्पादन 40 करोड़ लीटर से बढ़कर पांच गुना यानी 200 करोड़ लीटर हुआ- पीएम
  • आज से राष्ट्रीय डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरुआत, एक ही कार्ड में होगा पूरा मेडिकल इतिहास - पीएम
  • अब भारत का किसान अपनी मर्जी का मालिक है, वह जहां चाहे अपना उत्पाद बेच सकता है. किसानों की आय दोगुना करने की कोशिश हमने की-पीएम
  • गांवों में कृषि और गैर कृषि उत्पादों के लिए संघ बनाया जाएगा. जिससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे- प्रधानमंत्री
  • पिछले 5 सालों में देश के 1.5 लाख पंचायतों में ऑप्टिकल फायबर पहुंचा दिया गया है. बाकी एक लाख पंचायतों में तेजी से काम जारी-पीएम
  • देश के 6 लाख गावों में ऑप्टिकल फायबर पहुंचाया जाएगा. यह काम 1000 दिनों के अंदर पूरा कर दिया जाएगा-पीएम
  • हमारे देश की महिलाएं फायटर प्लेन उड़ाने के साथ गहरी खदानों में भी काम कर रही हैं, नौसेना में भी महिला शक्ति की भागीदारी बढ़ी
  • देश में तेजी से महिला सशक्तिकरण हो रहा है. सरकारी योजनाओं में महिलाएं ज्यादा से ज्यादा भागीदारी कर रही हैं.
  • जल जीवन मिशन के तहत प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा घरों में पाइप से जल पहुंच रहा है. एक करोड़ परिवारों तक साफ जल पहुंचाया गया- पीएम

चीन के विरुद्ध सीमा विवाद में ऑस्ट्रेलिया आया साथ

इतना ही नहीं ऑस्ट्रेलिया ने LAC विवाद में भारत का समर्थन करने के बाद दक्षिण चीन सागर पर भी चीन के दावे को ख़ारिज कर दिया..  

चीन के विरुद्ध सीमा विवाद में ऑस्ट्रेलिया आया साथ

नई दिल्ली. चीन की खासियत है कि भारत के खिलाफ ही बड़ी बयानबाज़ी करता है, यूरोप और अमेरिका जैसे विरोधियों के खिलाफ उसकी बोलती अक्सर बंद रहती है. और इसकी वजह भी सीधी है जिस पर दूसरे देशों का ध्यान शायद न गया हो - भारत की कांग्रेस सरकारों ने  ने आदत डाल दी थी चीन को सहलाने की और उसके नखरे उठाने की. किन्तु जब से मोदी सरकार आई है, कोई चीन को पूछता ही नहीं है.

 

एलएसी पर किया समर्थन 

ऑस्ट्रेलिया ने भारत के प्रति मित्रता का भाव और चीन के प्रति चुनौती का सन्देश प्रेषित किया है. लद्दाख सीमा पर ऑस्ट्रेलिया ने भारत के रुख का समर्थन किया और चीन के द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति में किसी भी बदलाव की कोशिश का विरोध किया है. भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने बयान जारी किया है कि ऑस्ट्रेलिया चाहता है कि एलएसी पर संयम का परिचय दिया जाए और वह चीन के साथ तनाव कम करने की दिशा में डी-एस्केलेशन पर भारत की कोशिशों का समर्थन करता है. 

विदेश मंत्री के साथ बैठक का हवाला 

ऑस्ट्रलियन उच्चायुक्त ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अपनी मीटिंग का उल्लेख करते हुए कहा कि -"विदेश मंत्री के साथ मीटिंग के दौरान मैंने उनको बताया कि ऑस्ट्रेलिया वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति में परिवर्तन की एकतरफा कोशिश का विरोध करता है क्योंकि यह तनाव बढ़ाएगा और अस्थिरता की समस्या पैदा करेगा''. साथ ही फैरेल ने ये भी जोड़ा कि द्विपक्षीय रूप से जिन सिद्धांतों और शर्तों पर सहमति बनी है उनका पालन होना चाहिए''.

 

दक्षिण चीन सागर पर किया विरोध 

बैरी ओ फैरेल ने दक्षिण चीन सागर पर चीन का विरोध भी किया. उनोने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को अस्वीकार करता है. दक्षिण चीन सागर में चल गतिविधियां अस्थिरता को जन्म दे सकती हैं और ऑस्ट्रेलिया इन गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं. 

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