China में Corona के बाद फैल गया बैक्टीरिया, हजारों लोग हुए बीमार

 उत्तरपूर्व चीन में हजारों लोग एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन से संक्रमित पाए गए हैं. ध्यान देने वाली बात है कि कोरोना का संक्रमण भी इसी क्षेत्र में सबसे पहले फैला था. बैक्टीरिया से हो रही इस संक्रामक बीमारी का नाम ब्रूसेलोसिस (Brucellosis) रखा गया है. इसे माल्टा या मेडिटरेनियन फीवर कहा जा रहा है. 

China में Corona के बाद फैल गया बैक्टीरिया, हजारों लोग हुए बीमार

नई दिल्लीः अभी सारी दुनिया चीन से निकले कोरोना वायरस के झमेले झेल ही रही है कि चीन की लापरवाही के एक और बीमारी बड़े पैमाने पर फैलने का खतरा हो सकता है. इस बार वायरस नहीं बल्कि एक बैक्टिरिया कहर बरपाने की ओर बढ़ रहा है, जो कि एक वैक्सीन बनाने वाले प्लांट से लीक हो गया है. 

जानकारी के मुताबिक, उत्तरपूर्व चीन में हजारों लोग एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन से संक्रमित पाए गए हैं. ध्यान देने वाली बात है कि कोरोना का संक्रमण भी इसी क्षेत्र में सबसे पहले फैला था. बैक्टीरिया से हो रही इस संक्रामक बीमारी का नाम ब्रूसेलोसिस (Brucellosis) रखा गया है.

बताया गया है कि यह बैक्टीरिया वैक्सीन बनाने वाले सरकारी बायोफार्मासूटिकल प्लांट में लीक होने के बाद फैला है.  स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, करीब 30 लाख लोगों की आबादी वाले लांझू में 3,245 लोग  ब्रूसेलोसिस (Brucellosis) से पीड़ित हैं. 

ऐसे फैल रहा है संक्रमण
थोड़ी राहत की बात है कि यह संक्रमण सीधे इंसानों से इंसानों को नहीं फैल रहा है. यह बीमारी इन्फेक्शन का शिकार हुए जानवरों या जानवरों के उत्पाद के इस्तेमाल से हो सकती है. इसे माल्टा या मेडिटरेनियन फीवर कहा जा रहा है.

इसमें बुखार, जोड़ों में और सिर में दर्द होता है. इन्फेक्शन से अभी तक किसी की मौत रिकॉर्ड नहीं हुई है. बैक्टीरिया के फैलने में भेड़, मवेशी और सुअर मदद करते हैं

लंबे वक्त तक रह सकते हैं कुछ लक्षण
अधिकारियों के मुताबिक,  22,000 लोगों की स्क्रीनिंग के बाद 1,401 लोगों के टेस्ट किए गए हैं. चीनी अधिकारियों का कहना है कि यह इन्फेक्शन इंसानों से इंसानों में नहीं फैल रहा है.

अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेन्शन (CDC) के मुताबिक इन्फेक्शन होने पर कुछ लक्षण लंबे वक्त के लिए रह सकते हैं जबकि कुछ ऐसे भी हो सकते हैं कि कभी पूरी तरह से जाएं ही ना, जैसे अर्थराइटिस या किसी अंग में सूजन

ऐसे लीक हुआ बैक्टीरिया, फैक्ट्री का लाइसेंस जब्त
चीनी प्रशासन की जांच में सामने आया है कि बायोफार्मासूटिकल प्लांट ने एक्सपायर हो चुके डिसइन्फेक्टेंट का इस्तेमाल किया था. यहां Brucell वैक्सीन बनाई जा रही थीं. इसकी वजह से फैक्ट्री के एग्जॉस्ट से बैक्टीरिया कभी पूरी तरह से साफ ही नहीं हुआ.

जांच के मुताबिक, यहां से निकलने वाली गैस ऐरोसॉल (aerosol) बनकर हवा के साथ लांझू वेटरिनरी रिसर्च इंस्टिट्यूट पहुंच गई और यहां 200 लोग पिछले साल दिसंबर में ही संक्रमित हो गए थे. इस घटना के लिए फैक्ट्री का लाइसेंस जब्त कर लिया गया था. 

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