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भारतीयों को ब्राजील जाने के लिए अब नहीं होगी वीजा की जरूरत

भारत के सामरिक रिश्ते वैश्विक स्तर पर 2014 के बाद से ही लगातार सुधरे हैं. दक्षिणी अमेरिकी देशों के साथ व्यापारिक संबंध हो या अंतरराष्ट्रीय सहयोग इन सब में भारत की वैश्विक साख बढ़ी है. ब्राजील ने भारत से रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक बेहतर प्रयास की कोशिश की है.

भारतीयों को ब्राजील जाने के लिए अब नहीं होगी वीजा की जरूरत

नई दिल्ली: दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील ने अब भारतीय सैलानियों के लिए फ्री पासेज की घोषणा की है. ब्राजील के नए राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो ने ऐलान किया कि भारतीय पर्यटकों और व्यवसायियों को ब्राजील आने के लिए अब वीजा की आवश्यकता नहीं है. ब्रिक्स देशों में ब्राजील भारत का सामरिक साझीदार है और भारत के साथ राजनायिक रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए ब्राजीली राष्ट्रपति ने ये बड़ा ऐलान किया.

22 देशों के साथ है भारत की मुक्त-वीजा सहमति 

ब्राजील पहला ऐसा बड़ा देश है जिसने भारत के साथ मुक्त वीजा समझौते पर सहमति जताई है. इससे पहले भी 22 देशों ने भारतीयों के लिए वीजा फ्री मसौदे पर हामी भरी है, लेकिन वे सभी छोटे देश हैं. इस लिस्ट में बेलारूस, भूटान, जमैका, सर्बिया, हांगकांग, सेनेगल, एल साल्वाडॉर और फिजी जैसे देश हैं. ब्राजील अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े राष्ट्रों में गिना जाता है. क्षेत्रफल के हिसाब से ब्राजील विश्व का पांचवा सबसे बड़ा देश है. संयुक्त राष्ट्र में भी इस देश का महत्व भारत को सुरक्षा परिषद में जगह दिलाने के हिसाब से काफी जरूरी है. 

भारत के साथ व्यापार बढ़ाने की दिशा में उठाए कदम

दरअसल, भारत के साथ ब्राजील के व्यापारिक संबंधों में हाल के दिनों में गिरावट दर्ज की गई है. उसी व्यापारिक रिश्तों को दोबारा प्रगाढ़ बनाने के लिए ब्राजील को भारत जैसे बड़े बाजार और दक्ष लोगों की जरूरत है. साल 2014 में भारत-ब्राजील के बीच के व्यापार 11 बिलियन से भी अधिक पहुंच चुका था. लेकिन इसके बाद से ही व्यापार लगातार घटा है. 2015 में 30 फासदी की गिरावट के साथ यह 8 बिलियन के करीब पहुंच गया तो साल 2016 में 28 फीसदी गिरकर 5.6 बिलियन पर आ गया. भारत ब्राजील से चीनी, कपास, सोया, पेट्रोलियम उत्पाद और सोना आयात करता है जो हाल के दिनों में कम हुआ है. वहीं भारत ब्राजील को दवाइयां, केमिकल और फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल पार्टस और कपड़ों का निर्यात करता है. भारत जैसे बड़े देश ब्राजील की जरूरतों के लिहाज से काफी जरूरी हैं. 

बहुआयामी रहे हैं भारत-ब्राजील के रिश्ते

भारत-ब्राजील के द्विपक्षीय संबंध बहुआयामी रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र और निजी स्तर पर रिश्तों के अलावा भारत और ब्राजील कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सामरिक साझीदार हैं. ब्रिक्स, जी-20, जी-4, इबसा, यूनेस्को, विश्व व्यापार संगठन और अंतरराष्ट्रीय सोलर सहयोग संगठन जैसे मंचों पर दोनों देशों के बीच संवाद कायम है. इसके अलावा दोनों देश दशकों से अर्थव्यस्था को लेकर और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर एक ही कतार में खड़े नजर आए हैं. लोकतांत्रिक मूल्यों को जिंदा रखने के लिहाज से भी दोनों देश एक साथ खड़े नजर आते हैं.