SpaceX को टक्कर देने उतरा ड्रैगन! अंतरिक्ष पर राज करेगा चीन का नया 'Rocket King', इस तारीख को भरेगा उड़ान

China reusable rocket launch: चीन अंतरिक्ष बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़ा दांव खेल रहा है. चीन ने घोषणा की है कि उसका एक विशाल, नया और कॉमर्शियल रॉकेट जल्द ही अपनी पहली उड़ान भरने के लिए तैयार है.

Written by - Prashant Singh | Last Updated : Nov 10, 2025, 08:47 AM IST
  • ग्लोबल स्पेस मार्केट में ड्रैगन की एंट्री
  • चीन बढ़ा रहा अपनी एयरोस्पेस ताकत
SpaceX को टक्कर देने उतरा ड्रैगन! अंतरिक्ष पर राज करेगा चीन का नया 'Rocket King', इस तारीख को भरेगा उड़ान

China reusable rocket launch: चीन आए दिन अपनी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से दुनिया को हैरान कर रहा है. इसी कड़ी में चीन एक ऐसा कदम उठाने जा रहा है. जिसके बाद अंतरिक्ष में उड़ान के नियम पूरी तरह बदल जाएंगे. ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन नया और बेहद किफायती रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी में है. यह नया रॉकेट चीन की सरकारी एयरोस्पेस कंपनी CASC यानी China Aerospace Science and Technology Corp की एक सहायक कंपनी द्वारा विकसित किया जा रहा है. तो चलिए जानते हैं इस रॉकेट की खासियत और लॉन्चिंग की तारीख और समझते हैं कैसे यह एलन मस्क की SpaceX को टक्कर देगा.

चीन कब लॉन्च करेगा किफायती रॉकेट?
यह रॉकेट खास तौर पर 5 मीटर व्यास वाला होगा. रॉकेट का मुख्य आकर्षण इसका दोबारा इस्तेमाल होने की क्षमता है, जिसे 2026 तक अपनी पहली उड़ान के लिए तैयार किया जा रहा है. दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट की तकनीक, जिसे SpaceX जैसी कंपनियों ने ही पॉपुलर बनाया है, लॉन्चिंग की लागत को बहुत कम कर देती है. यह चीन को अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को कम दाम में सैटेलाइट लॉन्च करने की सुविधा देगा, जिससे वह अमेरिका और यूरोपीय कंपनियों को सीधी टक्कर दे पाएगा.

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अंतरिक्ष में लागत घटाने पर जोर
नए रॉकेट को बनाने के पीछे चीन का मुख्य लक्ष्य लागत-दक्षता हासिल करना है. वहीं, रॉकेट का निचला हिस्सा (First Stage) दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा. यह तकनीक रॉकेट निर्माण पर होने वाले बार-बार के खर्च को कम कर देगी. साथ ही, यह विशाल रॉकेट एक बार में ज्यादा वजन यानी Payload को अंतरिक्ष में ले जा सकेगा. एक ही उड़ान में ज्यादा सैटेलाइट भेजने से प्रति सैटेलाइट लॉन्च का खर्च अपने आप कम हो जाता है.

आपको बता दें, चीन अपने नए वेंचांग (Wenchang) वाणिज्यिक लॉन्च साइट पर भी तेजी से काम कर रहा है. यह खास तौर पर कमर्शियल उड़ानों के लिए बनाया जा रहा है, जिससे लॉन्चिंग की प्रक्रिया और तेज होगी.

एयरोस्पेस में चीन की बढ़ी आत्मनिर्भरता
चीन इस परियोजना के जरिए अंतरिक्ष तकनीक में अपनी आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रहा है. इस रॉकेट में इस्तेमाल होने वाली तकनीक चीन में ही विकसित की जा रही है, जिससे वह विदेशी कंपनियों पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, CASC ने साफ किया है कि 4 मीटर और 5 मीटर व्यास के दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेटों के विकास पर तेजी से काम चल रहा है, जिसका सीधा मतलब है कि चीन स्पेस लॉन्च बाजार पर हावी होने की तैयारी में है. जो स्पेस एक्स के महंगे रॉकेट लॉन्च को सीधी टक्कर देगा.

ऐसे में, विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में इस रॉकेट की सफल पहली उड़ान चीन को अंतरिक्ष में एक नया खिलाड़ी बना देगी, जो पूरी दुनिया की अंतरिक्ष लॉन्चिंग की कीमतों और बाजार को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा.

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