कोरोना कंट्री अटका रही है भारतीयों की वापसी

चीन में कोरोना के कहर के बीच फंसे भारतीयों को लाने के लिए भेजे जा रहे विमान को चीन जानबूझकर इजाजत नहीं दे रहा  है जो कि इन भारतीयों की वुहान से वापसी में खतरनाक देरी का सबब बन रहा है..   

कोरोना कंट्री अटका रही है भारतीयों की वापसी

 

नई दिल्ली. भारत का विमान ग्लोबमास्टर तैयार खड़ा है और दवाइयां लेकर कोरोनावायरस से प्रभावित चीन के वुहान प्रांत जाने के लिए अनुमति की प्रतीक्षा . यह विमान वापसी में चीन की कोरोना सिटी वुहान  में फंसे भारतीयों को वापस ले कर आने वाला है.  किन्तु समस्या ये है कि अभी तक चीन की तरफ से इस विमान को प्रवेश हेतु स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है. जानकारी के अनुसार यह विलम्ब चीन की तरफ से जानबूझकर किया जा रहा है.

 

दवाइयां ले कर जा रहा है विमान 

भारतीय विमान न केवल अपने नागरिकों को चीन से निकालने जा रहा है बल्कि जैसी भारत ने कोरोना पीड़ित चीन से मदद की पेशकश की थी उसका ही निर्वाह करते हुए चिकित्सा दल के साथ दवाइयां भी भारत चीन के लिए भेज रहा है. ऐसे में हैरानी है कि चीन की तरफ से भारतीय वायुसेना के इस विमान के प्रवेश हेतु अनुमति अब तक प्राप्त नहीं हुई है. 

 जानबूझ कर विलम्ब कर रहा है चीन 

आज तीसरा दिन है जब वुहान जाने वाला भारत का विमान चीनी अनुमति के अभाव में अपनी उड़ान नहीं भर सका है. भारत की वायुसेना का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर सिर्फ भारत के लोगों को निकालने के लिए चीन में प्रवेश नहीं कर रहा है बल्कि भारत चीन के प्रति सहायता का भाव दर्शाते हुए इस विमान के माध्यम से एक चिकित्सादल के साथ वहां दवाइयां भी भेज रहा है. चीन द्वारा  भारत के इस विमान को मंजूरी देने में देरी करना अजीब सा लग रहा है.  

 

कई राज़ फाश हो सकते हैं चीन के 

समझदारी से सोचें तो कारण साफ़ है. चीन जानबूझ कर इसलिए विलम्ब कर रहा है ताकि उसे समय मिल जाए वुहान में सारी लीपा-पोती, सफाई और तैयारी करने का. क्योंकि वो अच्छी तरह से जानता है कि भारत का विमान यहां आया तो चीन कई राज़ फाश हो सकते हैं और उसकी ज़रा सी असावधानी सारी दुनिया के लिए खबर बना सकती है. चीन पर पहले ही कोरोना संक्रमण से जुड़े आंकड़ों को छुपाने का आरोप है वहीं कोरोना सिटी वुहान पर भी आरोप है कि कोरोना एक जैविक हथियार की तौर पर इसी शहर में विकसित किया जा रहा था.

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