डोनाल्ड ट्रंप और फेसबुक में तकरार तेज, हिंसक और नफरत भरी पोस्ट हटाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेसबुक में तकरार बढ़ गयी है. टकराव का मुख्य कारण हिंसक और आपत्तिजनक कंटेंट है जो विपक्षी दलों के खिलाफ प्रचार के रूप में ट्रम्प द्वारा प्रयोग किया गया है.  

डोनाल्ड ट्रंप और फेसबुक में तकरार तेज, हिंसक और नफरत भरी पोस्ट हटाई

नई दिल्ली: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं. रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी में चुनावी गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है. इस बीच प्रचार सामग्री को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेसबुक में टकराव हो गया है. अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों की मांग कई दिनों से जारी थी कि डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी पार्टी के खिलाफ हिंसक, भड़काऊ और आपत्तिजनक प्रचार सामग्री का प्रयोग किया है. इसको लेकर फेसबुक कई दिनों से ट्रम्प प्रशासन से कंटेंट हटाने के लिए कह रहा था.

फेसबुक ने डिलीट किया विवादित कंटेंट

आपको बता दें कि मार्क जुकरबर्ग  की कंपनी ने डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी अभियान से जुड़े कुछ पोस्ट और विज्ञापनों को नीतियों के उल्लंघन के आरोप में हटा दिया है.  नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं, डेमोक्रेटिक नेताओं के साथ ही कंपनी के अपने कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रपति के भड़काऊ और हिंसक पोस्ट को हटाने की मांग लगातार की जाती रही है. यही वजह है कि गुरुवार को फेसबुक ने ट्रंप के चुनावी अभियान से जुड़े विज्ञापन और पोस्ट को हिंसात्मक और आपत्तिजनक करार देते हुए हटा दिया.

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फेसबुक की प्रचार नीति के खिलाफ थीं कई पोस्ट

फेसबुक ने अपनी सफाई में कहा कि कई दिनों से डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार सम्बन्धी टीम को अवगत कराया जा रहा था कि ये पोस्ट फ़ेसबुक की प्रचार नीतियों के खिलाफ है लेकिन उनकी ओर से ध्यान नहीं दिया गया. फेसबुक के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने इस विषय में कहा कि हमने संगठित घृणा के खिलाफ हमारी नीति के उल्लंघन के आरोप में इन पोस्ट और विज्ञापनों को हटाया है.

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'उल्टे लाल त्रिकोण' को पाया गया विवादित

फेसबुक ने कहा कि विज्ञापन में कम्युनिस्ट जैसे विरोधियों को निशाना बनाने के लिए नाजियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक उल्टा लाल त्रिकोण शामिल था. इन विज्ञापनों में लिखा था, ‘वामपंथी समूहों की खतरनाक भीड़ गलियों में घूम रही है और कानून का उल्लंघन कर रही है. वह हमारे शहरों को उजाड़ रहे हैं, दंगे कर रहे हैं. यह पागलपन है. ये विज्ञापन राष्ट्रपति ट्रंप और उप-राष्ट्रपति माइक पेंस के पेज और साइट पर पोस्ट किये गए थे और हटाने से पहले करीब 24 घंटे तक ऑनलाइन रहे. इस पर डेमोक्रेटिक पार्टी और उनके कार्यकर्ताओं ने फ़ेसबुक प्रशासन से शिकायत की थी.

गौरतलब है कि अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद जब अमेरिका हिंसा की आग में जल उठा था तब भी राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ ऐसा पोस्ट किया था, जिसे लेकर बवाल खड़ा हो गया था. अमेरिका में इसी साल राष्ट्रपति चुनाव होने हैं और उसकी गहमागहमी तेज हो गयी है.