ग्रेटा को दुनियाभर से मिली बधाई, ट्रंप ने कहा-गुस्से पर काबू रखो

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रेटा को ट्वीट कर नसीहत दी है. उन्होंने उसे शांत रहने को कहा है. ट्रंप का खुद का रवैया पर्यावरण के मामले को लेकर बहुत ढीलाढाला रहा है. ग्रेटा थनबर्ग के भाषण के दौरान ट्रंप नहीं थे. जाहिर है कि ट्रंप को ग्रेटा का टाइम की 'पर्सन ऑफ द ईयर' चुना जाना बिल्कुल रास नहीं आ रहा है.

ग्रेटा को दुनियाभर से मिली बधाई, ट्रंप ने कहा-गुस्से पर काबू रखो

नई दिल्लीः पर्यावरण की लड़ाई लड़ रही 16 साल की ग्रेटा थनबर्ग से अब सारी दुनिया परिचित है. उनके आगाह करने के बाद सभी देश इस मुद्दे को बड़ा मानते हुए इस पर काम कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका ने एक बार फिर साबित किया है कि वह पर्यावरण के मसले पर भी अपने अनुसार काम करेगा. हुआ ऐसा है कि ग्रेटा थनबर्ग को टाइम ने पर्सन ऑफ द ईयर चुना है. इसके बाद उन्हें दुनियाभर से बधाई संदेश मिल रहे है. लोग उनसे अपनी लड़ाई में डटे रहने के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को यह उपलब्धि बिल्कुल पसंद नहीं आई है. ट्रंप ने ट्वीट कर ग्रेटा को  नसीहत दे डाली है. 

ट्रंप ने क्या कहा-
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रेटा को ट्वीट कर नसीहत दी है. उन्होंने उसे शांत रहने को कहा है. ट्रंप ने ट्वीट किया बेहद हास्यास्पद, ग्रेटा को अपने ऐंगर मैनेजमेंट की समस्या पर काम करना चाहिए, इसके बाद उन्हें अपने एक दोस्त के साथ अच्छी ओल्ड फैशन्ड फिल्म देखनी चाहिए. शांत हो जाओ ग्रेटा, शांत. जाहिर है कि ट्रंप को ग्रेटा का टाइम की 'पर्सन ऑफ द ईयर' चुना जाना बिल्कुल रास नहीं आ रहा है. वह पर्यावरण के प्रति ग्रेटा के विचारों का समर्थन नहीं कर रहे हैं. 

सितंबर में चर्चा में आईं थीं ग्रेटा
ग्रेटा सितंबर में उस वक्त चर्चा में आई थीं जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में दुनियाभर के शक्तिशाली नेताओं पर ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन से निपटने में नाकाम रहने और इस तरह नई पीढ़ी से विश्वासघात करने का आरोप लगाया था. इस कार्यक्रम में उस वक्त यूएन चीफ एंतानियो गुटेरस भी मौजूद थे. ग्रेटा ने अमीर देशों के नेताओं को संबोधित करते हुए बेहद नाराजगी भरे स्वर में कहा था, अपनी खोखली बातों से आपने मेरे सपने और मेरा बचपन छीन लिया है.

लोग त्रस्त हैं, लोग मर रहे . हैं. पूरी पारिस्थितिकी ध्वस्त हो रही है. हाउ डेयर यू.  स्वीडन की 16 साल की ग्रेटा ने पर्यावरण के मुद्दे पर अपनी देश की संसद के बाहर प्रदर्शन किया था और विश्वभर में युवाओं के आंदोलन का नेतृत्व किया था. उन्होंने 'फ्राइडेज फॉर फ्युचर' प्रदर्शन की अगुवाई की थी, जिसमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया. 

ट्रंप पहले भी कर चुके हैं किनारा
ट्रंप का खुद का रवैया पर्यावरण के मामले को लेकर बहुत ढीलाढाला रहा है. ग्रेटा थनबर्ग के भाषण के दौरान ट्रंप नहीं थे. जलवायु परिवर्तन पर संदेह रखने वाले ट्रंप उस समारोह में नहीं दिखे थे. वह केवल कुछ ही देर के लिए दीर्घा में मौजूद थे. जिस समय ग्रेटा कह रही थीं कि उन्हें यहां नहीं, महासागर पार स्कूल में होना चाहिए था, ट्रंप इस भाषण को अनसुना कर रहे थे. 

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