• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 93,322 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,90,535: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 91,819 जबकि अबतक 5,394 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • PM ने लोगों से आग्रह किया कि कोविड-19 के बीच वे अधिक सतर्क और सावधान रहें, क्योंकि अर्थव्यवस्था का एक बड़ा खंड खोल दिया गया है
  • आज से शुरू होगी 200 स्पेशल ट्रेनें, पहले दिन 1.45 लाख से भी अधिक यात्री सफर करेंगे
  • थर्मल स्क्रीनिंग के लिए यात्रियों को ट्रेन रवाना होने से 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा
  • एनटीए ने विभिन्न परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथियों को आगे बढ़ा दिया है
  • वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कोविड-19 के दौरान फार्मास्युटिकल उद्योग के योगदानों व भूमिका की सराहना की
  • अपने वाहन में अक्सर इस्तेमाल में आने वाली सतहों को नियमित रूप से साफ करें। #IndiaFightsCorona

कोरोना से जंग खत्म नहीं हुई थी कि दुनिया के कई देशों के बीच शुरू हो गया 'युद्ध'

दुनिया में भी कोरोना का आपातकाल चल रहा है. अब दुनिया कोरोना की वजह से एक अलग तरह का युद्ध लड़ रही है. ये जंग जमीन के टुकड़े, तेल या हथियारों के लिए नहीं हो रही है. इस बार जंग मास्क और हैंड ग्लब्स की है.

कोरोना से जंग खत्म नहीं हुई थी कि दुनिया के कई देशों के बीच शुरू हो गया 'युद्ध'

नई दिल्ली: कोरोना पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है. यूरोप के शक्तिशाल देशों से अमेरिका तक सभी कोरोना से लड़ रहे हैं और इस लड़ाई में इन देशों के हथियार भी खत्म हो रहे हैं. डॉक्टरों के पास मेडिकल उपकरणों की कमी है. जिससे लोगों के साथ साथ डॉक्टर्स भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं. ऐसे में यूरोप से लेकर अमेरिका तक एक अलग तरह की वॉर शुरू हो गई है.

पहले कोरोना से तबाही अब हड़पेंगे मेडिकल सप्लाई?

कोरोना वायरस ने दुनिया के ऐसे मुहाने पर ला खड़ा किया है कि मेडिकल सप्लाई को लेकर अमेरिका से लेकर यूरोपीय देश आपस में लड़ रहे हैं और एक-दूसरे के ऑर्डर पर कब्जा करने को हर तिकड़म अपना रहे हैं. वायरस का प्रसार जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है मास्क और ग्लव्स की मांग भी उसी अनुपात में बढ़ रही है. कोरोना से जंग में देशों के बीच 'मास्क युद्ध' शुरू हो गया है. वहीं, कई देशों का आरोप है कि अमेरिका बीच रास्ते ही उनके ऑर्डर को हथिया ले रहा.

अमेरिका ने हड़पे यूरोप के मास्क?

जर्मनी के अधिकारियों का अमेरिका पर आरोप सामने आया है. बर्लिन पुलिस के लिए आ रहे मास्क अमेरिका में झटके. दो लाख मास्क के शिपमेंट को अमेरिका की तरफ डाइवर्ट कर दिया गया.

बर्लिन के लिए मास्क भेजने वाली कंपनी अमेरिकी मैन्युफैक्चरर 3M है. लेकिन 3M ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि मास्क को जब्त कर लिया गया. 3M के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है कि बर्लिन पुलिस के लिए कोई मास्क मंगवाया था.

आर्डर लेकर नहीं भेजा गया वेंटीलेटर

स्पेन ने तुर्की पर डिलिवरी नहीं करने का आरोप लगाया है. स्पेन के मुताबिक वेंटिलेटर के ऑर्डर के लिए पैसा भेज दिया गया है लेकिन अब तक तुर्की से सामान नहीं आया है. उन्होंने कहा, 'वेंटिलेटर का शिपमेंट तुर्की से अब तक नहीं भेजा गया है क्योंकि तुर्की की सरकार यह समझती है कि उनके यहां मरीजों के इलाज में यह जरूरी है.'

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इस बीच चीन मेडिकल उपकरणों का बड़ा खिलाड़ी बनकर उभर रहा है. चीन भी कई देशों को घटिया मेडिकल उपकरण भेज रहा है. इधर अमेरिका और चीन की सांठगांठ के आरोप भी लग रहे हैं. फ्रांस ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी ग्राहक चीन को तीन से चार गुनी कीमत देते हैं ताकि सप्लाई को डायवर्ट किया जा सके. फिलहाल जब तक कोरोना के मामले दुनिया में बढ़ते रहेंगे. तब तक मेडिकल उपकरणों की ये लड़ाई भी खत्म नहीं होने वाली.

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