भारत से व्यापार-प्रतिबंध उलटा नुकसान दे गया पाकिस्तान को

कहते हैं जैसी नीयत वैसी बरक्कत. पाकिस्तान की भारत को लेकर न नीयत ठीक है न नज़र. अब भुगतना पड़ रहा है उस कदम का नुकसान जो उसने बड़े जोश में भारत के खिलाफ उठाया था..  

भारत से व्यापार-प्रतिबंध उलटा नुकसान दे गया पाकिस्तान को

 

नई दिल्ली. भारत दुनिया की महाशक्ति है, अब इसमें संदेह सिर्फ उस देश को ही हो सकता है जिसे अपने देश से बाहर दुनिया का कोई ज्ञान न हो. चाहे वैश्विक-राजनीति हो या वैश्विक-अर्थव्यवस्था का मामला, भारत को नज़र-अंदाज़ करके चला नहीं जा सकता. इसी भारत ने पाकिस्तान जैसे टुच्चे देश को अपने देश के अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए अपना मोस्ट फेवर्ड नेशन बना रखा था. और बदले में पाकिस्तान ने इसी हिन्दुस्तान को नज़र-अंदाज़ करके चलने की नाकाम कोशिश की और वह आज उसका परिणाम भुगत रहा है.  

 

कश्मीर मुद्दे पर भारत से व्यापारिक रिश्ते तोड़े थे 

ये फैसला पाकिस्तान के ही गले की फांस बन गया है.  भारत से व्यापार पर प्रतिबंध पाकिस्तान को भारी पड़ रहा है क्योंकि इस व्यापार-प्रतिबंध के बाद पाकिस्तान खुद परेशानी से घिर गया है. कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान द्वारा भारत के ऊपर यह एकतरफा व्यापारिक-प्रतिबंध लगाया गया था. 

शर्मिंदगी हो सकती है पाकिस्तान को 

इसी व्यापार प्रतिबंध को लेकर आज की तारीख में भारत के सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है पाकिस्तान को. दरअसल बात ये है कि पाकिस्तान की एक बड़ी कंपनी एक ऐसा व्यवसाय करती है जिसका कच्चा माल उसे और कहीं नहीं मिलता सिवाए भारत के. अब चूंकि भारत से व्यापार पर रोक लग गई है इसलिए पाकिस्तान सरकार ने भारत से माल मंगाने की अनुमति नहीं दी. 

भारत माफ़ करेगा इसकी संभावना कम है 

अब जब पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहरा रहा है इस कम्पनी के सामने मजबूरी है कि या तो भारत से माफ़ी मांग कर कच्चा माल आयात करे या कम्पनी पर ताला लगा दे. इस मजबूर हालात में पाकिस्तानी  सरकार ने इस से संबंधित विभाग को फिर से एक नया प्रस्ताव बनाने को कहा है. ज़ाहिर है भारत से क्षमा मांगी जायेगी फिर कच्चा माल माँगा जाएगा. अब ये भारत पर है कि वो माफ़ करे या न करे. 

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