साइज मामूली, ताकत बड़ी! फाइटर जेट्स के आगे क्यों लगते हैं छोटे पंख? हवा में रखते हैं मौत पर कंट्रोल

fighter jet canards: दुनिया लगातार तकनीकों में आगे बढ़ रही है. जिसके चलते युद्ध क्षेत्र के हथियारों और वाहनों के साथ विमानों को भी नई तकनीकों से बनाया और अपग्रेड किया जा रहा है.  आज के समय में फाइटर जेट्स काफी ज्यादा एडवांस हो गए हैं. फाइटर जेट्स में कई ऐसी चीजें होती हैं जिनके बारे में सबको पता नहीं होता है.   

Written by - Ayush Mishra | Last Updated : Nov 12, 2025, 06:26 PM IST
  • पिच कंट्रोल करने में मददगार होते हैं कैनार्ड्स
  • उड़ान भरने से टेक ऑफ तक निभाते हैं भूमिका
साइज मामूली, ताकत बड़ी! फाइटर जेट्स के आगे क्यों लगते हैं छोटे पंख? हवा में रखते हैं मौत पर कंट्रोल

fighter jet canards: फाइटर जेट्स को आज के समय में नई तकनीकों के इस्तेमाल से बनाया जा रहा है.  आपने कई बार फाइटर जेट्स के आगे छोटे पंखों को लगा हुआ देखा होगा. लड़ाकू विमानों में आगे लगने वाले इन छोटे पंखों को कैनार्ड्स कहते हैं. फाइटर जेट्स में लगने वाली हर चीज का अपना एक महत्व होता है. इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि फाइटर जेट्स में कैनार्ड्स को क्यों लगाया जाता है.  

कैनार्ड्स और इनका इतिहास
फाइटर जेट्स में लगने वाला कैनार्ड एक छोटा पंख या विंग होता है. इसे जेट के मुख्य पंखों के सामने या उससे पहले लगाया जाता है. कैनार्ड का इस्तेमाल सबसे पहले साल 1903 राइट ब्रदर्स के Wright Flyer में किया गया था. जिसके बाद साल 1967 में Saab 37 Viggen नाम के फाइटर जेट्स के साथ दोबारा से लड़ाकू विमानों में लौट आया. कैनार्ड्स किसी भी फाइटर जेट के आगे की तरफ लिफ्ट पैदा करता है. जिसके चलते विमान के मुख्य पंखे पर काफी कम लोड पड़ता है और हाई स्पीड पर भी एफिशिएंसी बढ़ती रहती है. 

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उड़ान भरने और टेक ऑफ में मददगार
कैनार्ड्स की मदद से फाइटर जेट को 15 से 20 प्रतिशत तक ज्यादा लिफ्ट मिलती है. जिसकी मदद से विमान का आगे का हिस्सा जल्दी हवा में उठता है और फाइटर जेट्स छोटे रनवे में भी जल्दी उड़ान भर लेते हैं. इनकी मदद से फाइटर जेट में कम विंग लोडिंग और बेहतर बैलेंस के साथ उड़ान काफी ज्यादा तेज और स्मूद हो जाती है. जब कोई भी फाइटर जेट तेजी से मुड़ता है तो हवा का बहाव पंखों से अलग हो सकता है. जिसके कारण लिफ्ट कम हो जाती है. लेकिन कैनार्ड्स मुड़ान के समय वॉर्टेक्स बनाते हैं. जिसके कारण मुख्य पंखों पर बहाव बना रहता है. इनकी मदद से फाइटर जेट्स 35° तक के हाई एंगल ऑफ अटैक पर भी अपने कंट्रोल से नहीं हटते हैं. 

स्टॉल से बचाव और पिच कंट्रोल
कैनार्ड्स को इस तरीके से डिजाइन किया जाता है कि वे विमान के मुख्य पंखों से पहले स्टॉल करते हैं. जब कैनार्ड स्टॉल होता है तो विमान की नाक नीचे की तरफ आ जाती है. जिससे मुख्य पंख पर फिर से हवा बहने लगती है और फाइटर जेट खुद ही स्टॉल से रिकवर हो जाता है. कैनार्ड्स को फाइटर जेट के सेंसर ऑफ ग्रैविटी से आगे की तरफ लगाया जाता है. जिसके चलते उसमें पिच मूवमेंट काफीतेज हो जाता है. कैनार्ड्स फाइटर जेट की कंट्रोल सेंसिटिविटी को लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ा देते हैं. जिसकी मदद से फाइटर जेट के पायलट को एग्रेसिव मैन्युवरिंग में काफी कम सुधार करने की जरूरत होती है. 

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About the Author

Ayush Mishra

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से ताल्लुक रखने वाले आयुष मिश्रा ने अपनी पत्रकारिता करियर की शुरुआत ज़ी मीडिया के साथ की है. वो फिलहाल ज़ी भारत के लिए ट्रेनी जर्नलिस्ट है. ...और पढ़ें

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