कोरोना पर जर्मनी की समझदार, यहां सबसे कम कोरोना-मौतें हुईं

जर्मनी ने पहले ही समझ लिया था कि ये कोरोना वायरस एक बीमारी कम महामारी अधिक है और इस देश ने वक्त रहते ही उठा लिए थे जरूरी कदम जिससे फायदा ये हुआ है कि यह दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहां सबसे कम कोरोना मौतें हुई हैं..

कोरोना पर जर्मनी की समझदार, यहां सबसे कम कोरोना-मौतें हुईं

नई दिल्ली: कोरोना ने किसी देश को नहीं बख्शा. क्या अमेरिका क्या यूरोप - दोनों ही कॉन्टिनेंट्स में कोरोना का कहर जारी है. लेकिन य यूरोप में जर्मनी इकलौता ऐसा देश है जहां लोग तो कोरोना से बड़ी तादाद में संक्रमित हुए हैं लेकिन कोरोना मौतों की संख्या यहां बहुत कम है. देश से मिले हालिया आंकड़ों के मुताबिक़ जर्मनी में अब तक करीब दस हज़ार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं, पर इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या यहां अपने पड़ोसी देशों की तुलना में बेहद कम रही है.

जर्मनी के कोरोना आंकड़े

कोरोना संक्रमण के मामले में अमेरिका, इटली और स्पेन ही जर्मनी से आगे थे लेकिन यहां कोरोना-मृत्यु दर सबसे कम है. कोरोना के आंकड़ों को देखें तो जर्मनी में करीब लगभग दो हज़ार लोगों की ही जान गई है जो बताती है कि जर्मनी में कोरोना-मृत्यु दर महज 1.4 प्रतिशत है. अब जर्मनी के पड़ौसी देश इटली में कोरोना-मृत्यु दर 12 प्रतिशत, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन में 10 प्रतिशत, चीन में 4 प्रतिशत और अमेरिका में 2.5 प्रतिशत देखी गई है.

दक्षिण कोरिया जो कि अपने कर्व फ्लैट्निंग के मॉडल के लिए मशहूर हुआ है, वहां भी कोरोना से मरने वालों की दर 1.7 प्रतिशत रही है.

ये थी जर्मनी की समझदारी

जर्मनी की समझदारी को एक वाक्य में ऐसे कहा जा सकता है कि ज्यों ही सरकार को यहां कोरोना संक्रमण का पता लगा तुरंत उसने लोगों की ट्रैकिंग शुरू कर दी. जर्मनी में कोरोना संक्रमण की मृत्यु दर को रोक पाने के पीछे ट्रैकिंग का बड़ा योगदान रहा है.

सरकार ने किसी भी व्यक्ति में संक्रमण के पॉजिटिव पाए जाने पर वह जिस-जिस व्यक्ति से मिला था, सभी की जांच की गई और उस व्यक्ति को दो हफ्ते तक आइसोलेशन में रखा गया. इस तरह संक्रमण की पॉजिटिव चेन की पहचान की गई और इस काम में जर्मनी को कामयाबी भी मिली किन्तु शेष देश ऐसा कर पाने में नाकाम रहे.

जर्मनी पर लगे आंकड़े छुपाने के आरोप

जर्मनी ने जिस समझदारी और सफलता से कोरोना का मुकाबला किया उससे कुछ देशों की ईर्ष्या स्वाभाविक थी. अमेरिका सहित कुछ देशों ने जर्मनी पर कोरोना के आंकड़ों से खिलवाड़ करने का आरोप भी लगाया किन्तु कई विशेषज्ञ तथ्य जर्मनी के पक्ष में खड़े दिखाई दिए.

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इतना ही नहीं कोरोना से रक्षा के लिए की गई मेडिकल प्रीपेरेशंस के अलावा भी जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने देश के लोगों के साथ संवाद बनाये रखा जिससे लोगों का मनोबल मजबूत रहा. इस कारण एंजेला द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के नियमों का विपक्षी दलों और जनता ने पूरी तरह पालन किया.

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