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जानिए क्यों आईसीसी ने इस धाकड़ बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी को दिया झटका

बांग्लादेशी टीम भारत दौरे पर आने वाली है. इस दौरे में बांग्लादेश के टॉप क्लास ऑलराउंडर शकीब नहीं होंगे. क्योंकि आईसीसी ने उनपर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है. बांग्लादेश टीम पहले से भारत जैसी नंबर एक टीम से भिड़ने से पहले कमजोर थी. अब सबसे अनुभवी बल्लेबाज की अनुपस्थिति में बांग्लादेश टीम बैकफुट पर आ गई है. 

जानिए क्यों आईसीसी ने इस धाकड़ बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी को दिया झटका
मुश्किल में बांग्लादेश खिलाड़ी शाकिब

नई दिल्ली: भारत-बांग्लादेश के बीच ईडेन गार्डेन में पहला डे-नाईट टेस्ट मैच होने वाला है. उससे पहले ही मेहमान टीम को बड़ा झटका लगा जब बांग्लादेश के स्टार क्रिकेटर और दुनिया के नंबर 1 ऑलराउंडर शाकिब अल हसन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है. ICC ने शाकिब को मैच फिक्सिंग के एक मामले में दोषी पाया गया जिसके बाद आचार संहिता के तहत उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दो साल तक दूर रहने का अल्टीमेटम जारी कर दिया गया. दरअसल, शाकिब को एक सट्टेबाज से मैच फिक्सिंग का ऑफर मिला था जिसपर उन्होंने हामी तो नहीं भरी लेकिन इस ऑफर की जानकारी भी क्रिकेट बोर्ड को नहीं दी. ICC ने इसे आचार संहिता के नियमों के विरूद्ध पाया. 

दो बार सट्टेबाजों से संपर्क में आए शकीब
दरअसल, यह पूरा मामला दो साल पहले के एक मैच का है जिसमें शाकिब को मैच में भ्रष्टाचार करने के लिए कहा गया. हालांकि बांग्लादेशी क्रिकेटर ने साफ इंकार कर दिया. शाकिब से आईसीसी के पैनल से बातचीत के बाद पता लगा कि शाकिब को दो मौकों पर इस तरह के ऑफर सट्टेबाजों से मिले हैं. आईपीएल 2018 में सनराइजर्स हैदराबाद और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच होने वाले एक मुकाबले से पहले भी शाकिब को सट्टेबाजों ने ऑफर किया था जिसपर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. 

कहा- कर्तव्यों का पालन नहीं कर पाया
शाकिब ने यह कहा कि जिस खेल से उन्हें बहुत प्यार उससे वे कुछ दिनों तक दूर रहेंगे, इस बात से मैं बहुत दुखी हूं. लेकिन मैच फिक्सिंग का ऑफर मिलते ही आईसीसी को इस बात की जानकारी ना देना नियमों के विरूद्ध है. मुझ पर लगाए प्रतिबंध उचित हैं. मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूं. ICC  की भ्रष्टाचार निरोधी ईकाई खिलाड़ियों से ये उम्मीद करती है कि वे इसमें सहयोग करेंगे. मैंने अपने कर्तव्यों का पालन सही ढंग से नहीं किया. शाकिब अल हसन पर हालांकि दो वर्ष के लिए लगाए गए प्रतिबंध के 1 साल को निलंबित कर दिया गया है. इस तरह वे 2020 में दोबारा टीम में वापसी करते नजर आ सकते हैं. 

खेल के शिखर पर थे शाकिब
बांग्लादेशी क्रिकेटर फिलहाल अपने खेल के टॉप फॉर्म में हैं. आईसीसी की ऑलराउंडरों की सूचि में शाकिब शिखर पर हैं. वहीं 2019 के क्रिकेट विश्वकप में शाकिब बांग्लादेश की ओर से सबसे ज्यादा और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूचि में तीसरे बल्लेबाज थे. उन्होंने अपने पूरे क्रिकेट करियर में 12000 के करीब रन बनाए हैं और 562 विकेट भी लिए हैं. 

बीसीबी से एक और मामले में ठन गई थी
शाकिब के लिए यह साल खट्टी-मीठी यादों भरा रहा है. एक ओर जहां उनके बल्ले से रन निकले हैं और विकटें भी खूब चटकाई है, वहीं दूसरी ओर तमाम तरह के विवादों में भी उलझते दिखे हैं. इससे पहले शाकिब अल हसन पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने केंद्रीय शर्तों के उल्लंघन को लेकर भी नोटिस भेजी थी. दरअसल, शाकिब ने लोकल टेलिकॉम कंपनी ग्रामीनफोन के साथ मिलकर उनकी ब्रांडिंग की जो बोर्ड के नियमों के विरूद्ध है. इससे बीसीबी चेयरमैन नजमुल हसन नाराज हो गए थे और शाकिब पर कड़े एक्शन लेने की तैयारी में थे. हालांकि, उनके जवाब के बाद इस तरह के कोई कदम बोर्ड ने नहीं उठाए. 

मैच फी बढ़ाने को लेकर भी उठे थे विवाद
इसके अलावा शाकिब और बांग्लादेशी टीम को बीसीबी एक सबक सिखाने की कोशिश में लगी थी. मामला तब का है जब बांग्लादेशी टीम के कप्तान शाकिब, क्रिकेटर तमीम इकबाल, मेहंदी हसन और सभी खिलाड़ियों की मैच फी बढ़ाने को लेकर बीसीबी से ठन गई थी. खिलाड़ियों ने ये धमकी दी थी कि अगर मैच फी में इजाफा नहीं किया गया तो वे कोई भी सीरिज खेलने नहीं जाएंगे. इससे बीसीबी काफी नाराज हो गया था. लेकिन बोर्ड ने खिलाड़ियों की शर्तों को मंजूरी देने पर विचार करना शुरू किया तब जा कर बात बनी. 

कई बार ये देखा गया है कि ICC  के नियमों के तहत खिलाड़ी किसी न किसी मामले में नप जाते हैं. लेकिन जब सजा झेल कर दोबारा लौटते हैं तो खेल और निखर कर आता है. आस्ट्रेलिया के स्टीव स्मीथ, पाकिस्तान के मोहम्मद आमिर भी उस सूचि में हैं. अब देखना ये होगा कि विश्व के नंबर एक ऑलराउंडर शाकिब अल हसन कितना प्रभावी कमबैक करते हैं.