इमरान ने पाकिस्तान में नहीं किया लॉकडाउन, स्थिति हो रही है गंभीर

कोरोना वायरस लगातार फैलने के बावजूद पाकिस्तान सरकार लॉकडाउन के लिए तैयार नहीं है. पीएम इमरान खान पर आरोप लग रहे हैं कि वहां के अरबपति कारोबारियों से डर कर इमरान ने अब तक लॉकडाउन घोषित नहीं किया है. जिसकी वजह से वहां करोड़ो लोगों की जान दांव पर लग गई है.   

इमरान ने पाकिस्तान में नहीं किया लॉकडाउन, स्थिति हो रही है गंभीर

नई दिल्ली: पाकिस्तान में कोरोना वायरस की वजह से हालात गंभीर हो रहे हैं. लेकिन उद्योगपतियों का मुनाफा बचाने के लिए इमरान खान नियाजी की सरकार लॉकडाउन करने से बच रही है. 

इमरान सरकार ने दांव पर लगाई पाकिस्तानियों की जिंदगी
पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के मुताबिक पाकिस्‍तान के शीर्ष उद्योपतियों ने इमरान सरकार को लॉकडाउन नहीं करने की सलाह दी थी. क्योंकि उन्हें डर था कि लॉकडाउन से उनका बड़ा नुकसान हो जाएगा. इसी वजह से इमरान सरकार ने करोड़ों पाकिस्तानियों की जिंदगी दांव पर लगा दी.

हालात बिगड़ने के बाद आया होश
हालांकि पाकिस्तान में सेना के कमान संभालने के बाद अब वही उद्योगपति लॉकडाउन की मांग कर रहे हैं लेकिन अब काफी देर हो चुकी है. जानकारों का मानना है कि लॉकडाउन नहीं होने की वजह से कोरोना के मरीज पूरे पाकिस्तान में फैल चुके हैं जिसका खामियाजा उसे आने वाले दिनों में भुगतना पड़ सकता है. 

पाकिस्तानी डॉक्टर बन रहे हैं कोरोना का शिकार 
पाकिस्तान को कोरोना वायरस से आगाह करने वाले और उसका मजाक नहीं बनाने की अपील करने वाले डॉक्टर उसामा रियाज दम तोड़ चुके हैं. इससे पता चलता है कि पाकिस्तान में हालात कितने बिगड़ गए हैं. 
पाकिस्तान के गिलगित बाल्टिस्तान के युवा डॉक्टर उसामा को कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ था और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

लेकिन मरने से पहले पाकिस्तानी लोगों के लिए अपना आखिरी वीडियो मैसेज छोड़ गए जिसमें उन्होंने हाथ जोड़कर अपील की है कि सोशल साइट्स पर कोरोना वायरस का मजाक मत उड़ाएं.. बल्कि इसे गंभीरता से लेते हुए अपना और अपनों का ख्याल रखें.

 

जीवनदाता डॉक्टरों को पास नहीं है सुविधाएं

उसामा रियाज उस 10 सदस्यों वाली डॉक्टरों की टीम का हिस्सा थे जो ईरान से वापस लौटे पाकिस्तानी लोगों की जांच में जुटी थी. उन्हीं में से एक मरीज के संपर्क में आने के बाद उसामा को कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ जिसने उनकी जान ले ली. बताया जा रहा है कि उसामा के पास जांच के दौरान जरूरी मास्क और ग्लव्स भी नहीं थे जिसकी वजह से वो संक्रमित हो गए.

 उसामा जैसे पाकिस्तान के सैकड़ों डॉक्टर बिना किसी मेडिकल फैसिलिटी के कोरोना संदिग्धों की जांच में जुटे हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान में हालात कितने खराब हैं और कितने ज्यादा खराब होने वाले हैं. क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस महामारी के भयंकर रूप अख्तियार करने के बावजूद अभी तक किसी भी शहर या इलाके को लॉक डाउन नहीं किया है. जिसके गंभीर नतीजे देखने को मिल रहे हैं. 

इमरान को नहीं पाकिस्तानियों की चिंता
इससे पहले जब चीन के वुहान में कोरोना के केस सामने आने शुरू हुए थे तो भारत ने जहां विशेष विमान भेजकर वहां पढ़ रहे अपने छात्रों को वापस बुला लिया था पर इमरान सरकार ने पाकिस्तानी छात्रों को उनके हाल पर मरने के लिए वहीं छोड़ दिया था.

अदालत ने लगाई है इमरान सरकार को फटकार
पाकिस्तान में हालात विस्फोटक होते जा रहे हैं लेकिन इमरान सरकार की दलील है कि लॉकडाउन से गरीबों को काफी दिक्कत होगी. हालांकि उन्होंने हालात काबू में करने के लिए सेना जरूर तैनात कर दी है. पर लाहौर हाई कोर्ट ने इमरान सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा है कि वो कोरोना वायरस को लेकर गंभीर नहीं दिखती.

हाई कोर्ट ने पिछले कुछ हफ्तों में ईरान जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी मांगी है. साथ ही विदेशों में फंसे पाकिस्‍तानी नागरिकों के बारे में आंकड़े मांगे हैं. खुद इमरान खान के मुताबिक विदेशों से करीब डेढ़ लाख पाकिस्‍तानी वापस आना चाहते हैं लेकिन वो उन्हें अभी लाने में सक्षम नहीं हैं.