इमरान खान के तख्तापलट की 'डेट लॉक'

क्रिकेट के मैदान पर कई दशक तक राज करने वाले इमरान बतौर प्रधानमंत्री शायद ही पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाएं. उनके तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं.

Written by - Rajendra Kumar | Last Updated : Oct 15, 2020, 08:27 PM IST
  • पाकिस्तान पर FATF में ब्लैकलिस्ट होने का खतरा बढ़ा
  • आतंक पर लगाम लगाने में इमरान खान नाकाम
  • सेना का एक धड़ा भी इमरान खान से खफा
  • पाकिस्तान की राजनीति में नवाज की री-एंट्री
इमरान खान के तख्तापलट की 'डेट लॉक'

नई दिल्ली: पाकिस्तान की आर्थिक हालत डांवाडोल है. FATF का हंटर पाकिस्तान के पीएम इमरान पर इस कदर पड़ा है कि अब उन्हें ये नहीं सूझ रहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को कैसे पटरी पर लाएं. इस हफ्ते से 11 पार्टियों का संगठन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट आजादी की नई लड़ाई छेड़ने जा रहा है. विपक्ष की मंशा इमरान खान के खिलाफ पूरे देश में हल्लाबोल की है. इस मूवमेंट की अगुवाई मौलाना फजलुर रहमान करेंगे. जिन्होंने पिछले साल भी आजादी मार्च निकाला था जिसमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया था.

जाने वाली है इमरान खान नियाज़ी की कुर्सी

जब से इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने हैं, नवाज शरीफ सबसे मुश्किल दौर का सामना कर रहे हैं. उनका ज्यादातर वक्त लंदन और अरब में गुजर रहा है. इस दौरान उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में जेल भी जाना पड़ा. उनके भाई शहबाज शरीफ को भी जेल जाना पड़ा है. नवाज शऱीफ की बेटी मरियम नवाज पर इमरान खान की सरकार ने देशद्रोह के आरोप लगाए हैं. लिहाजा अब नवाज शरीफ ने मौलाना फजलुर रहमान के साथ मिलकर इमरान खान के खिलाफ सबसे बड़ा मोर्चा खोला है. इस मोर्चे में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो भी हैं जो पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे हैं. 11 दलों के विपक्षी मोर्चे में बीएनपी के प्रमुख सरदार अख्तर मेंगल भी शामिल हैं.

पाकिस्तान कंगाल, गुस्से में अवाम!

इमरान खान ने प्रधानमंत्री बनने के बाद कई टोटके किए कभी भैंस बेची कभी चीन को गधे बेचे. लेकिन टोटकों से सरकारें नहीं चला करती. शायद क्रिकेटर से नेता बने खान को ये बात मालूम नहीं थी. अब आलम ये है कि पाकिस्तान के कई हिस्से बेहद गुरबत में जी रहे हैं. खाने-पीने की चीजों और सब्जियों के दाम रॉकेट की तरह ऊपर भाग रहे हैं. इमरान खान का खजाना खाली है. मुसीबत ये है कि पाकिस्तान का दोस्त रहा और हमेशा पाकिस्तान को कर्ज देता रहा सऊदी अरब इमरान खान से नाराज है.

इमरान खान जब सत्ता में आए थे तो सऊदी अरब ने 6 अरब डॉलर का लोन पाकिस्तान को दिया था अब सऊदी अरब पाकिस्तान को लोन देने को तैयार नहीं है उल्टा लोन की किश्त चुकाने का दबाव बना रहा है. माना जा रहा है कि इमरान खान की विदेश नीति से सऊदी अरब गुस्से में है. इमरान खान ईरान के साथ पींगे बढ़ा रहे है जबकि सऊदी अरब का कहना है कि ईरान उनके यहां आतंकवादी भेजकर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है. इन सब हालातों के बीच पाकिस्तान के अवाम में सरकार के खिलाफ आक्रोश है.

मौलाना फजलुर रहमान ने युवाओं के गुस्से को देखते हुए इमरान की सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. हालांकि मौलाना की हुंकार से घबराए इमरान खान ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. पाकिस्तान की एंटी करप्शन यूनिट नेशनल अकांटेबिलिटी ब्यूरो यानी नैब ने मौलाना फजलुर रहमान पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है.आपको बता दें कि नैब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के मातहत काम करती है. लेकिन मौलाना फजलुर रहमान ने इमरान खान के खिलाफ जंग का एलान करते हुए साफ कर दिया है कि सरकार की इन हरकतों से वो डरने वाले नहीं हैं.

पाकिस्तान की सत्ता की चाबी कहां है?

नवाज शरीफ की पाकिस्तान की राजनीति में री-एंट्री के पीछे डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी अरब को माना जा रहा है. इमरान खान चीन के बेहद करीब हैं. जबकि इस वक्त चीन और अमेरिका के बीच हालात युद्ध जैसे हैं. दोनों देश एक दूसरे को साउथ चाइना सी में घेरने में लगे हैं. डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में चीन को सबक सिखाना चाहते हैं. लेकिन इमरान उन्हीं जिनपिंग से चिपके हुए हैं. आलम ये है कि चीन ने पाकिस्तान पर इतना कर्ज लाद दिया है कि उसके बदले में चीन वहां के कीमती खनिजों और संपदा की लूट करने में जुटा है.

बाजवा का बदलता पैंतरा

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने चुनावों में इमरान की मदद का अबतक खूब इनाम लूटा है. अपना कार्यकाल बढ़वा चुके बाजवा अब इमरान पर भारी पड़ रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर विदेश नीति तक में उनका दखल लगातार बढ़ रहा है. कयास यहां तक लगाए जा रहे हैं कि अगर FATF ने आतंकिस्तान को कोई राहत नहीं दी तो फिर इमरान खान का तख्तापलट कर बाजवा देश की सत्ता पर काबिज हो सकते हैं। पाकिस्तान में सेन का पुराना इतिहास है। परवेज मुशर्रफ ने भी नवाज शरीफ का तख्तापलट किया था. इस महीने की 23 तारीख इमरान खान के लिए बड़ी मुसीबत वाली साबित हो सकती है.

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