बनी सहमति. ओडिशा के चांदीपुर से मिसाइल परीक्षण करेगा सिंगापुर

भारत-सिंगापुर के बीच रिश्ते अब एक नया मोड़ ले रहे हैं. भारत ने सिंगापुर को उड़ीसा के चांदीपुर से मिसाइल टेस्ट के परीक्षण को सहमति दे दी है. अब दोनों देशों के बीच सायबर सुरक्षा के अलावा डिफेंस समझौते भी परवान चढ़ने को तैयार हैं. 

 बनी सहमति. ओडिशा के चांदीपुर से मिसाइल परीक्षण करेगा सिंगापुर

नई दिल्लीः भारत में ओडिशा स्थित चांदीपुर टेस्ट रेंज दूसरे देशों के लिए खोला जाएगा. भारत और सिंगापुर ने बुधवार 'लेटर ऑफ इंटेंट' (आशय पत्र) पर हस्ताक्षर किया. इस तरह चांदीपुर परीक्षण केंद्र से स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम जैसे मिसाइल की लाइव फायरिंग का रास्ता साफ हो गया.  सिंगापुर ने मांग की थी कि वह एक छोटा देश है लिहाजा वह स्पाइडर जैसे मिसाइल सिस्टम को लॉन्च नहीं कर सकता, इसलिए भारत उसे अपने चांदीपुर टेस्ट रेंज का इस्तेमाल करने की सुविधा प्रदान करे.

पहली बार भारत दूसरे देशों के परीक्षण के लिए खोलेगा दरवाजे

चौथे भारत-सिंगापुर डिफेंस मिनिस्टर्स डायलॉग में बुधवार को इस पर फैसला किया गया. इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके सिंगापुर के समकक्ष एनई हेन ने की. यह पहला मौका होगा, जब भारत अपने चांदीपुर इंटिग्रेटेड टेस्ट रेंज को किसी देश के लिए खोलेगा.  भारत के पास मिसाइलों का परीक्षण करने के लिए जिस तरह की भूमि और पर्याप्त जगह उपलब्ध है, सिंगापुर जैसे छोटे देशों के पास वैसे स्थल नहीं हैं. ऐसे में उन्हें किसी ऐसे देश से मदद की आवश्यकता है जो अपने स्पेस में उनको मिसाइल टेस्ट करने दे.

भारत के लिए महत्वपूर्ण रुखः हेन

सिंगापुर के रक्षा मंत्री हेन ने कहा कि स्पाइडर ग्राउंड बेस्ट एयर डिफेंस सिस्टम जैसे मिसाइल को सिंगापुर से फायर करना मुश्किल है. इसलिए हम यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आभारी हैं. भारत बड़ा देश है और उसका क्षेत्रफल भी बड़ा है, हम यह भी समझते हैं कि यह उनका महत्वपूर्ण रुख होगा. उन्होंने इस सुविधा का इस्तेमाल भरोसेमंद और रचनात्मक तरीके से करने की बात कही. टेस्ट रेंज में डीआरडीओ का सुविधा से लैस टेस्ट ऐंड इवेलुएशन सेंटर है. यह रॉकेट, मिसाइल और एयर-बॉर्न हथियार सिस्टम को सुरक्षित और भरोसेमंद लॉन्चिंग की सुविधा प्रदान करता है.

रक्षा सहयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा

राजनाथ ने चांदीपुर टेस्ट रेंज के इस्तेमाल और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) पर हेन के साथ विस्तृत चर्चा की. दोनों के बीच रक्षा साझीदारी, सूचना का आदान-प्रदान, भारत में छोटे सैटलाइट की प्रक्षेपण, डेटा शेयरिंग, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्यॉरिटी पर भी बात हुई.  राजनाथ ने आने वाली डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को देखते हुए सिंगापुर को शोध, विकास और टेस्टिंग फेसिलिटी के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया. वहीं, सिंगापुर के रक्षा मंत्री हेन ने सहयोग के अवसरों को तलाशने पर सहमति जताई.