आतंक से प्रभावित देशों में भारत सातवें स्थान पर, अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा हुईं मौतें

आतंकवाद दुनिया की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है. इससे पूरा विश्व काफी प्रभावित हुआ है. भारत ने आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अगुआ की भूमिका निभाई है. लेकिन अब जबकि वैश्विक आतंक सूची (GTI) 2019 का रिपोर्ट आया है तो यह भारत के लिए चिंता का विषय बन गया है.  

आतंक से प्रभावित देशों में भारत सातवें स्थान पर, अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा हुईं मौतें

नई दिल्ली: ग्लोबल टेरर इंडेक्स की इस सूची में आतंकवाद से प्रभावित देशों में कितनी मौतें या कितने लोग घायल हुए उसका मूल्यांकन किया गया है. इस सूची में भारत को सांतवें स्थान पर रखा गया है. यह रिपोर्ट 2019 में प्रकाशित हुई है और 2018 के आंकड़ों को दर्शा रही है. 2018 में भारत में आतंकी हमलों में 748 मौतें हुई हैं. इसके अलावा 350 भारतीय मारे गए हैं और 540 घायल हुए हैं. भारत के अलावा इस सूची में ज्यादातर एशियाई देश ही हैं. अफगानिस्तान ने इस सूची में ईराक को पीछे छोड़ न चाहते हुए भी पहला स्थान हासिल किया है. ईराक दूसरे स्थान पर चला गया है.

पिछले साल के मुकाबले आई है 15 फीसदी की कमी

अफगानिस्तान में आतंकी घटनाओं मे मारे गए लोगों की संख्या 7379 है तो ईराक में यह 1054 है. भारत के साथ दिक्कत यह है कि अकेले जम्मू कश्मीर में यह संख्या आधे से भी अधिक है. 2018 में आतंकी घटनाओं में हालांकि पूरी दुनिया में कमी आई है. भारत में छिटपुट ही सही यह घटनाएं हल्की सी नीचे आईं हैं. पूरे विश्व में आतंकवादी हमले से तकरीबन 15,952 मौतें हुईं हैं. यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले भले कम बताया जा रहा हो लेकिन किसी भी तरह से यह संतोषजनक नहीं है. इन घटनाओं में ग्लोबल टेरर इंडेक्स के अनुसार पिछले साल के मुकाबले 15.2 फीसदी की कमी आई है. 

तालिबान ने कराए हैं सबसे ज्यादा आतंकी हमले

GTI सूची में सबसे अधिक जानलेवा आतंकी संगठन अफगानिस्तान के तालिबान को बताया गया है. वैश्विक स्तर पर आतंकी हमले करने में इस संगठन ने 71 फीसदी का गंदा नाम कमाया है. यह संगठन विश्व में हुआ मौकों का तकरीबन 38 फीसदी जिम्मेदार है. आतंकी घटनाओं से हर साल न जाने कितनी निर्दोष जानें चली जाती हैं. यूरोप में 2018 में आतंकी घटनाओं में 70 फीसदी की कमी आई है. वहीं उत्तरी अमेरिका और ओसियानिया क्षेत्रों में यह 52 फीसदी तक ज्यादा हो गई है. 2018 में आतंकी घटनाओं से विश्व की अर्थव्यवस्था काफी प्रभावित हुई थी. आंकड़ें में यह भी आया कि आतंकी घटनाओं से उस साल 33 बिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ था. 

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दस प्रभावित देशों में एशियाई और अफ्रीकी देश ज्यादा

इस लिस्ट में पहले नंबर पर अफगानिस्तान और दूसरे स्थान पर ईराक के बाद नाइजीरिया, सीरिया, पाकिस्तान के बाद सांतवें स्थान पर भारत है. इसके अलावा यमन, फिलिपिंस और कांगो प्रजातांत्रिक गणराज्य का नंबर आता है. ग्लोबल टेरर इंडेक्स के आंकड़ें "नेशनल कॉन्सोर्टियम फॉर स्टडी ऑफ टेररिज्म एंड रिस्पॉन्सेज टू टेररिज्म" (START) ने तैयार किए हैं. GTI पिछले 18 साल से यह रिपोर्ट प्रकाशित कर रहा है. इस रिपोर्ट में आतंकवाद से प्रभावित तकरीबन 163 देशों को शामिल किया जाता है. आबादी के लिहाज से यह पूरी दुनिया के  आबादी का 99.7 फीसदी हिस्सा है. इसमें मुख्य रूप से चार बातों पर केंद्रित कर रिपोर्ट तैयार किया जाता है. पहला आतंकी हमलों की पूरी संख्या कितनी, दूसरा कितनी जानें गईं, तीसरा घटनाओं में घायलों की संख्या और चौथा संपत्ति का नुकसान कितना.