भारत की जीत दिखी स्विट्ज़रलैंड की तिरंगा-पहाड़ी पर

स्विटजरलैंड की ये पहाड़ी जिसे मैटरहॉर्न के नाम से जाना जाता है अब तिरंगा-पहाड़ी के नाम से भी जानी जायेगी क्योंकि तिरंगे के रंग में रोशन हो कर इसने भारत की कोरोना पर जीत का सन्देश दुनिया को सुनाया है..

भारत की जीत दिखी स्विट्ज़रलैंड की तिरंगा-पहाड़ी पर

नई दिल्ली: स्विटजरलैंड की मैटरहॉर्न नामक पहाड़ी यहां के दर्शनीय स्थलों में एक है. इस पहाड़ी पर  तिरंगे के रंग में सजी रोशनियां आज दुनिया को भारत की कोरोना पर जीत का सन्देश दे रही हैं. इस पहाड़ी पर पहाड़ पर 24 मार्च से ही कोरोना महामारी के खिलाफ दुनिया की जंग को पूरी एकजुटता के साथ दिखाया जा रहा है.

पहाड़ी पर बनाया रोशनियों का तिरंगा

यूरोप की रानी और फूलों की क्यारी स्विट्ज़रलैंड ने कोरोना से निपटने में भारत के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया है.  इसके लिए यहां की विख्यात मैटरहॉर्न पहाड़ी पर रोशनी की मदद से भारतीय तिरंगे को जगमगाया गया है. इस रोशन तिरंगे से हर भारतवासी को कोरोना पर विजय की आशा और उत्साह का सन्देश प्रेषित किया गया है. यहां हर दिन दुनिया के विभिन्न देशों के झंडों को दर्शाती रोशनियां जगमगाई जा रही हैं.

14,690 फुट ऊंचा पहाड़ी तिरंगा

स्विटजरलैंड की मैटरहॉर्न पहाड़ी साढ़े चौदह हज़ार फ़ीट ऊंची है इसलिए इतना ही ऊंचा पहाड़ी तिरंगा यहां रोशनियों से बनाया गया है. इस रौशनी के काम को सुप्रसिद्ध लाइट आर्टिस्ट गेरी हॉफस्टेटर के कुशल हाथों ने सजाया है. इन्होंने साढ़े चौदह हज़ार फ़ीट ऊंची पहाड़ी को तिरंगे के आकार में रोशन कर दिया है.

इस भारतीय भव्यता पर फेसबुक पोस्ट

स्विट्ज़रलैंड के पर्यटन संगठन जरमैट मैटरहॉर्न ने भारतीय तिरंगे की भव्यता देख कर इस पर एक पूरी फेसबुक पोस्ट लिख डाली.  उन्होंने अपनी पोस्ट पर लिखा कि - विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या वाले देशों में एक भारत कोरोना की समस्या से ग्रस्त है और चूंकि देश बहुत बड़ा है इसलिए चुनौतियां भी बहुत बड़ी हैं.

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मैटरहॉर्न पर्वत पर भारतीय ध्वज स्विट्ज़रलैंड की भारत के साथ एकजुटता को भी ज़ाहिर करता है साथ ही कोरोना के विरुद्ध हर भारतीय की आशा और शक्ति को पुष्ट करता है.

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