ICJ का अंतरिम आदेश, रोहिंग्या को सुरक्षा दे म्यांमार सरकार

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामले से संबंधित याचिका गांबिया ने दाखिल की थी. म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के लोगों के हुए नरसंहार को संयुक्त राष्ट्र के 1948 के अंतरराष्ट्रीय समझौते का स्पष्ट उल्लंघन कहा गया था. न्यायालय का अंतिम आदेश आने के अभी कई वर्ष लग सकते हैं, लेकिन गांबिया के अपील पर न्यायालय ने गुरुवार को रोहिंग्या समुदाय के लोगों की सुरक्षा के मसले को देखते हुए अंतरिम आदेश जारी किया.

ICJ का अंतरिम आदेश, रोहिंग्या को सुरक्षा दे म्यांमार सरकार

नई दिल्लीः अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) ने गुरुवार को दिए अपने एक जरूरी आदेश में म्यांमार से रोहिंग्या आबादी को सुरक्षा देने के लिए कहा है. आदेश है कि रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा और उनका नरसंहार रोका जाए. ICJ का यह आदेश बांग्लादेश में रहने वाले रोहिंग्या की बड़े स्तर पर कानूनी जीत है. ये शरणार्थी म्यांमार में हुई सैन्य कार्रवाई के बाद भागकर बांग्लादेश आए हैं. यहां के कॉक्स मार्केट में इनकी संख्या करीब साढ़े सात लाख है. 

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामले से संबंधित याचिका गांबिया ने दाखिल की थी. म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के लोगों के हुए नरसंहार को संयुक्त राष्ट्र के 1948 के अंतरराष्ट्रीय समझौते का स्पष्ट उल्लंघन कहा गया था. न्यायालय का अंतिम आदेश आने के अभी कई वर्ष लग सकते हैं, लेकिन गांबिया के अपील पर न्यायालय ने गुरुवार को रोहिंग्या समुदाय के लोगों की सुरक्षा के मसले को देखते हुए अंतरिम आदेश जारी किया.

म्यांमार सरकार को स्पष्ट आदेश, रोहिंग्या को सुरक्षा दे
आदेश में कहा गया कि म्यांमार सरकार रोहिंग्या की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए. पीठासीन न्यायाधीश अब्दुलकावी यूसुफ ने आदेश के मुख्य बिंदुओं को घोषणा करते हुए कहा- प्रत्येक चार महीने में सुरक्षा उपायों की न्यायालय को जानकारी दी जाए. अंतरिम आदेश में कहा गया है कि म्यांमार सरकार हिंसा रोकने के लिए सरकार सेना और अन्य हथियारबंद संगठनों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे.

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मानवाधिकार संगठनों ने फैसले का स्वागत किया
अदालत की ओर से आए इस फैसले का मानवाधिकार संगठन स्वागत कर रहे हैं. उन्होंने मानव अधिकारों की जीत बताया है. मानवाधिकार विशेषज्ञ यांगी ली ने कहा कि यह फैसला वाकई स्वागत योग्य है. उन्होंने कहा कि रोहिंग्या समुदाय को म्यांमार सरकार को सुरक्षा देनी होगी. उन्होंने भरोसा जताया कि उनके साथ हुए आपराधिक मामलों में भी उन्हें न्याय मिलेगा और इसके लिए भी नियंत्रण के कदम उठाए जाएंगे.

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