मध्य पूर्व से भागकर अफ्रीका में पांव जमा रहे हैं इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी

दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट यानी IS अब अफ्रीका को अपनी अपवित्र निगाहों का शिकार बना रहा है. इन आतंकियों ने बुरकिना फासो, माली, नाइजर जैसे पश्चिमी अफ्रीका के देशों में अपनी जड़े जमानी शुरु कर दी हैं. पिछले कुछ दिनों से पूरे अफ्रीका में असॉल्ट रायफलें लहराते इस्लामी आतंकियों को देखा जा रहा है. ये सोने की खदानों को अपने कब्जे में ले रहे हैं.   

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Nov 24, 2019, 04:02 PM IST
    • मध्य पूर्व से भाग रहे हैं इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी
    • अफ्रीका में पैर जमा रहे हैं आईएस के आतंकी
    • सोने की खदानों पर कब्जा कर रहे हैं इस्लामी आतंकी

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मध्य पूर्व से भागकर अफ्रीका में पांव जमा रहे हैं इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी

नई दिल्ली: आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट की जड़ें मध्य पूर्व से उखड़ गई हैं. उसका सरगना अबू बकर बगदादी मारा जा चुका है. जिसके बाद आईएस के आतंकवादी अब अफ्रीका की तरफ रुख करने लगे हैं. 

सोने की खदानों पर कर रहे हैं कब्जा
मध्य पूर्व में मात खाने के बाद अल कायदा और इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी अफ्रीका में पैर फैला रहे हैं. पिछले दिनों मोटरसायकिल और छोटे ट्रकों पर सवार कई आतंकवादी देखे गए हैं, जिन्होंने इस इलाके में सरकारी सेनाओं और वन रक्षकों पर हमला करके उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया है. 

संयुक्त राष्ट्र ने भी इस बारे में चेतावनी जारी की है. उसके कुछ शोधकर्ताओं के हवाले से पता चला है कि इस्लामिक आतंकवादी अफ्रीका के दूर दराज इलाके में स्थित सोने की खानों तक पहुंच रहे हैं. इस्लामी आतंकवादियों के लिए ये खानें छिपने का बेहतरीन ठिकाना हैं. 

इसमें से कई सोने की खदानों में अभी भी सोना मौजूद है. यह लोग इलाके के नाबालिग बच्चों से सोना भी निकलवा रहे हैं. जिससे मिले पैसे का इस्तेमाल नए सदस्यों को भर्ती करने के साथ साथ हथियार और विस्फोटक खरीदने में किया जा रहा है. 

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बुरकिना फासो में बढ़ा आतंकी का खतरा
अफ्रीकी देश बुरकिना फासो में पिछले कुछ महीनों से लगातार आतंवादी हमलों की खबरें आ रही हैं. यह गरीब देश हाल के कुछ सालों से जिहादी गुटों के निशाने पर आ गया है. यहां हिंसक घटनाओं में सैकड़ों लोगों की मौत की खबर है. पिछले महीने यहां घात लगा कर किए हमले में सोने की खदान में काम करने वाले 39 मजदूरों की जान चली गई. इसके अलावा इस देश में लूटमार की दर्जनों और कई अपहरण की वारदातें दर्ज की गईं. 

बुरकिना फासो में साल 2018 सैटेलाइट से सरकारी सर्वेक्षण किया गया था. जिसमें लगभग 2200 अनौपचारिक सोने की खानों की पहचान हुई थी. इनमेंसे आधे से ज्यादा 25 किलोमीटर के दायरे में हैं. जहां इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का खतरा सबसे ज्यादा है.  इसमें से कई खदानें ऐसी जगहों पर हैं जहां सरकारी सेना मौजूद नहीं है और आतंकवादी लुटेरे खुलेआम घूम रहे हैं. 

बुरकिना फासो के खान मंत्री ओउमारु इदानी ने इसी साल मई में कहा था, "इस्लामी चरमपंथियों ने कुछ खानों पर नियंत्रण कर लिया है, खासतौर से संरक्षित क्षेत्र में, यहां वो नाबालिग लोगों को खुदाई करने के लिए उकसावा देते हैं और सरकार के प्रतिबंध का उल्लंघन करते हैं."

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हथियाए गए सोने से आतंकवादी खरीदते हैं हथियार
इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी बुरकिना फासो से अवैध रुप से सोना निकालकर बेच रहे हैं. यह सोना पड़ोसी देश टोगो पहुंचाया जाता है. जहां से यह सऊदी अरब, तुर्की, स्विट्जरलैण्ड और भारत की रिफायनरियों में पहुंचा दिया जाता है. आतंकवादी सोने का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा की तरह करते हैं. जिसके जरिए वह नए रंगरुटों की भर्ती से लेकर हथियारों की खरीद भी करते हैं. 

एक अनुमान के मुताबिक बुरकिना फासो, माली और नाइजर जैसे अफ्रीकी देशों की खदानों से हर साल लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर की कीमत का 50 टन सोना निकाला जाता है. लेकिन अब इस सोने के बड़े हिस्से से दुनिया में आतंकवाद फैलाया जा रहा है. 

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अगर अफ्रीका में इस्लामी चरमपंथियों के प्रसार पर रोक नहीं लगाया गया तो वहां भी अमानवीय गतिविधियां शुरु हो जाएंगी. 

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