इजरायल-फिलिस्तीन में फिर शुरू हुई खूनी 'जंग', एक मार्च बना लड़ाई की वजह, जानिए क्यों

इससे पहले मई में 11 दिनों तक चले युद्ध में फिलिस्तीन के 253 लोगों की मौत हो गई थी. इसमें 66 बच्चे भी शामिल थे. हमास के हमले में इजरायल के भी 13 लोगों की मौत हुई थी.  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jun 16, 2021, 09:16 AM IST
  • दोनों देशों की लड़ाई दशकों पुरानी
  • इजरायल में बनी है नई सरकार

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इजरायल-फिलिस्तीन में फिर शुरू हुई खूनी 'जंग', एक मार्च बना लड़ाई की वजह, जानिए क्यों

नई दिल्लीः इजरायल और फिलिस्तीन के बीच कुछ दिन पहले ही खूनी जंग थमने के बाद फिर से धमाकों की आवाज दुनिया को डराने लगी है. दोनों के बीच करीब 26 दिन पहले हुआ सीजफायर फिर से टूट गया है. इसी बीच इजरायल ने  बुधवार को फिलिस्तीन में गाजा पट्‌टी में फिर बम बरसाए हैं. इजरायल की सेना ने आरोप लगाया है कि गाजा की तरफ से इजरायल पर विस्फोटक भरे गुब्बारे छोड़े जा रहे थे. इसी के जवाब में ये कार्रवाई की गई है.

इजरायल ने दिया ये बयान
इजरायल की सेना ने मीडिया को बताया है कि उन्होंने हमास (इजरायल इसे आतंकी संगठन मानता है) के ठिकानों पर हमला किया है और वे हर तरह के हमले के लिए तैयार हैं. इससे पहले मई में 11 दिनों तक चले युद्ध में फिलिस्तीन के 253 लोगों की मौत हो गई थी. इसमें 66 बच्चे भी शामिल थे. हमास के हमले में इजरायल के भी 13 लोगों की मौत हुई थी. हालांकि इजिप्ट की मदद से दोनों देश सीजफायर के लिए तैयार हो गए थे.

फ्लैग मार्च से बढ़ा तनाव
दरअसल, पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि इजरायल की ओर से फ्लैग मार्च निकाला जाएगा तो तनाव फिर बढ़ेगा. फिलिस्तीनियों ने इस फ्लैग मार्च को लेकर चेतावनी भी दी थी. इसी बीच मंगलवार को इजरायल के दक्षिणपंथियों ने फ्लैग मार्च निकाला था. मार्च के पहले हमास ने घोषणा की थी कि अगर यरूशलम मार्च निकाला गया तो वे अल-अक्शा मस्जिद की हिफाजत के लिए रॉकेट दागेगा.

मार्च से क्यों चिढ़ता है फिलिस्तीन
बता दें कि फिलिस्तीन और इजरायल की लड़ाई दशकों पुरानी है. कई बार तो सारे अरब देश मिलकर इजरायल पर हमला बोल चुके हैं, लेकिन इजरायल का बाल बांका नहीं हो सका है. इसी तरह 1967 में अरब देशों ने इजरायल पर हमला बोला था. लेकिन इस 6 दिनों तक चली लड़ाई में इजरायल की जीत हुई थी. इसके बाद पूर्वी यरूशलम पर इजरायल का कब्जा हो गया था. इस जीत की याद में कट्‌टर यहूदी हर साल मार्च निकालते हैं. यरूशलम मार्च पारंपरिक तौर पर यरूशलम दिवस यानी यहूदी कैलेंडर के हिसाब से 28 इयार (यहूदी महीना) को मनाया जाता है.

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इजरायल में बनी है नई सरकार
हाल ही में इजरायल में लंबे समय के बाद सत्ता का परिवर्तन हुआ है.  8 पार्टियों के गठबंधन की मदद से नेफ्टाली बेनेट ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. बेनेट को कट्टरपंथी यहूदी के तौर पर जाना जाता है. बेनेट ज्यादातर यहूदी टोपी (किप्पा) लगाकर रहते हैं. वे फिलिस्तीन का वजूद ही नहीं मानते. उनका कहना है कि इस क्षेत्र में सिर्फ इजरायल है. माना जा रहा है कि नेफ्टाली के पीएम बनने के बाद फिलिस्तीन और इजरायल में चल रही जंग और बढ़ेगी.

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