पाकिस्तान में असिस्टेंट कमिश्नर बनकर इस हिन्दू लड़की ने रचा इतिहास, जानिये पूरी कहानी

डॉक्टर सना रामचंद नामक हिन्दू लड़की ने हाल ही में CSS 2020 की परीक्षा पास की है. सना पहली हिन्दू महिला हैं, जो असिस्टेंट कमिश्नर बनी हैं.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : May 10, 2021, 10:08 PM IST
  • पाकिस्तान में सिंध की रहने वाली हैं सना
  • भारत में भी सना की जमकर हो रही तारीफ
पाकिस्तान में असिस्टेंट कमिश्नर बनकर इस हिन्दू लड़की ने रचा इतिहास, जानिये पूरी कहानी

नई दिल्ली: पाकिस्तान में हिंदुओं पर कितना बर्बर अत्याचार होता है, ये किसी से छिपा नहीं है. आये दिन हिन्दू लड़कियों के साथ बलात्कार और अपहरण की घटनाएं सामने आती रहती हैं.

जेहादियों और कट्टरपंथियों के बीच डर डरकर जीवन व्यतीत करने को मजबूर हिन्दू समुदाय के चेहरे पर मुस्कान लाने वाली खबर सामने आई है. पाकिस्तान के हिन्दू समुदाय की एक लड़की इतिहास रच दिया.

सना रामचंद ने बनीं असिस्टेंट कमिश्नर

डॉक्टर सना रामचंद नामक हिन्दू लड़की ने हाल ही में CSS 2020 की परीक्षा पास की है. सना पहली हिन्दू महिला हैं, जो असिस्टेंट कमिश्नर बनी हैं. सना का कहना है कि वह सफलता से काफी खुश हैं. हालांकि वह आश्चर्यचकित नहीं है क्योंकि उन्हें भरोसा था कि वह जरूर कामयाब होगी.

 

ये कारनामा करने वाली पहली हिन्दू महिला

पाकिस्तान में पहली बार एक हिंदू महिला ने देश की प्रतिष्ठित सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (सीएसएस) परीक्षा पास की है और विशिष्ट पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा (पीएएस) के लिये चयनित हुई है. सना ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वह बचपन से ही सफलता की आदी हैं. उन्होंने बताया कि वह हमेशा से पढ़ाई में अव्वल रही हैं.

भारत में भी सना की जमकर हो रही तारीफ

सना रामचंद ने बताया कि उन्होंने बिना किसी की मदद की यह तैयारी की. कराची की रहने वाली सना ने बताया कि केवल इंटरव्यू के लिए उन्होंने कोचिंग का सहारा लिया था. उनकी सफलता से जहां पूरे परिवार में खुशी का माहौल है.

हिन्दू समुदाय मे भी उनकी जमकर तारीफ हो रही है. क्योंकि, बहुत कम हिन्दू महिलाएं है, जिन्होंने पाकिस्तान में कोई मुकाम हासिल किया है. सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी खूब तारीफ कर रहे हैं.

सना रामचंद सीएसएस की परीक्षा पास करने वाले 221 अभ्यर्थियों में शामिल हैं. 18,553 परीक्षार्थियों ने यह लिखित परीक्षा दी थी. विस्तृत चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक और मौखिक परीक्षा के बाद अंतिम चयन किया गया और मेधासूची निर्धारित होने के बाद अंतिम चरण में समूह आवंटित किये गए.

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पाकिस्तान में सिंध की रहने वाली हैं सना

सना रामचंद पाकिस्तान के सिंध प्रांत की रहने वाली हैं और वे एक MBBS डॉक्टर भी हैं. सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले ले में स्थित कस्बा चक की रहने वाली हैं. उन्होंने प्राइमरी से कॉलेज तक की शिक्षा वहीं से प्राप्त की है.

सना रामचंद के पिता स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हुए हैं. पाकिस्तान में कोई भी अल्पसंख्यक समुदाय का छात्र इस तरह की कामयाबी हासिल करने का सपना भी नहीं देख सकता.

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय को हमेशा कट्टरपंथी डराते और धमकाते हैं तथा उन्हें इस्लाम कुबूल करने की धमकी देते हैं. अपने धर्म का पालन करते हुए कोई कामयाबी हासिल कर पाना पाकिस्तान में नामुमकिन है. इसीलिए सना रामचंद की ये सफलता अद्वितीय और ऐतिहासिक मानी जा रही है.

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