एक समय थे राजा, आज नहीं नामोनिशान! सीधे पंखों वाले फाइटर जेट्स कहां हो गए गायब? जानें क्या थी वजह

Fighter Jets Don't Use Straight Wings: दुनिया में एक समय पर सीधे पंखों वाले फाइटर जेट्स राज किया करते थे, लेकिन जैसे-जैसे युग बदल रहा है उसकी तरह से तकनीकों में भी काफी ज्यादा विकास हो रहा है. आज के समय में फाइटर जेट्स Swept और Delta Wing डिजाइन के पंखों का इस्तेमाल करते हैं. क्या आप जानते हैं कि फाइटर जेट्स में आज के समय सीधे पंख इस्तेमाल क्यों नहीं किए जाते हैं?   

Written by - Ayush Mishra | Last Updated : Nov 12, 2025, 05:29 PM IST
  • मैक की स्पीड में बनने लगती थीं शॉक वेव्स
  • ज्यादा स्पीड में बिगड़ जाता था जेट्स का कंट्रोल
एक समय थे राजा, आज नहीं नामोनिशान! सीधे पंखों वाले फाइटर जेट्स कहां हो गए गायब? जानें क्या थी वजह

Fighter Jets Don't Use Straight Wings: आज के समय में दुनिया में फाइटर जेट्स काफी ज्यादा एडवांस हो गए हैं. उनके पंखों से लेकर उनकी टेक्नोलॉजी और डिजाइन सभी चीजें बदल रई हैं. लेकिन एक समय था, जब सीधे पंखों वाले फाइटर जेट युग के प्रतीक हुआ करते थे. दुनिया में सीधे पंखों वाले फाइटर जेट्स राजा की तरह माने जाते थे. इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि आज के फाइटर जेट्स में इनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता है. 

सीधे पंखों का शुरुआती दौर
लगभग 1950 के दशक की शुरुआत में सीधे पंख काफी ज्यादा आम थे. इन पंखों की मदद से उड़ान के दौरान कम स्पीड पर ज्यादा लिफ्ट मिलता था. जो लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए काफी ज्यादा जरूरी था. लेकिन इन पंखों की वजह से फाइटर जेट की स्पीड और कंट्रोल दोनों कम होने लगे थे. सीधे विंग्स पर ट्रांसोनिक ड्रैग यानी हवा का काफी ज्यादा रोध बनने लगता था. जिसके बाद विमानों में धीरे-धीरे Swept और Delta Wings का इस्तेमाल होने लगा. 

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स्पीड और एफिशिएंसी
सीधे पंखों वाले फाइटर जेट्स की स्पीड मैक 1 के पास पहुंचते ही पंखों के किनारे Shock Waves बनने लगती थीं. लेकिन Swept और Delta विंग्स हवा के बहाव को मोड़कर इन शॉक वेव्स को बनने में देरी करते हैं, जिससे ड्रैग कम होता है. सीधे पंख कम स्पीड पर उड़ान भरने के लिए काफी बेहतरीन थे. लेकिन फाइटर जेट्स मैक 1 की स्पीड से ज्यादा की उड़ान भरते हैं और उन्हें ऐसी डिजाइन चाहिए होती है जो हाई स्पीड पर हवा के रोध को घटाए. Swept और Delta विंग्स थोड़ा सा  लिफ्ट खोते हैं, लेकिन इसके बाद हाई स्पीड के साथ अच्छा कंट्रोल और ऊंचाई पर स्थिरता देते हैं. 

मॉर्डन स्टील्थ टेक्नोलॉजी 
स्टील्थ टेक्नोलॉजी वाले फाइटर जेट्स के आने से सीधे पंखों का युग गायब हो गया है. सीधे विंग्स रडार वेव्स को सीधा रिफ्लेक्ट करती थीं, जिससे RCS यानी रडार क्रॉस सेक्शन बढ़ जाता था. आज के स्टील्थ फाइटर जेट जैसे F-22 Raptor और F-35 Lightning II में तिरछे किनारों के साथ स्मूद सतह और ब्लेंडेड विंग डिजाइन हैं जो रडार सिग्नलों को इधर-उधर बिखेर देते हैं. पुराने F-14 Tomcat जैसे फाइटर जेट्स में मौजूद मूविंग या वेरिएबल विंग्स आज के समय की स्टील्थ टेक्नोलॉजी के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते हैं. 

मटेरियल और इंजन में बदलाव
आज के समय फाइटर जेट्स में मौजूद टर्बोफैन इंजन पहले के मुकाबले काफी ज्यादा थ्रस्ट और ईंधन क्षमता देते हैं. जिसके चलते आब सीधे पंखों की जरूरत नहीं पड़ती है. आज के समय में कार्बन कम्पोजिट्स और हल्की धातु से बनने वाले पंख काफी ज्यादा मजबूत होते हैं. जो काफी अच्छा एयरोडायनामिक शेप बनाए रखने में मदद करते हैं. आज के समय के राफेल और ग्रिपेन जैसे फाइटर जेट्स बिना किसी कठिन मैकेनिज्म के हाई स्पीड पर उड़ान भरने में सक्षम हैं. 

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About the Author

Ayush Mishra

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से ताल्लुक रखने वाले आयुष मिश्रा ने अपनी पत्रकारिता करियर की शुरुआत ज़ी मीडिया के साथ की है. वो फिलहाल ज़ी भारत के लिए ट्रेनी जर्नलिस्ट है. ...और पढ़ें

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