UNGA में PM मोदी ने चीन को दिया करारा जवाब! पढ़िए, 11 बड़ी बातें

संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स, मनी लॉन्डरिंग के खिलाफ उठेगी, कोरोना वैक्सीन पर भारत की क्षमता दुनिया के काम आएगी..

UNGA में PM मोदी ने चीन को दिया करारा जवाब! पढ़िए, 11 बड़ी बातें

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में आम सभा को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यूएन प्रतिक्रियाओं में बदलाव, व्यवस्थाओं में बदलाव, स्वरूप में बदलाव, आज समय की मांग है. 

UNGA में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

उन्‍होंने कहा कि भारत के लोग UN के रिफॉर्म्स को लेकर जो प्रोसेस चल रहा है, उसके पूरा होने का बहुत लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. भारत के लोग चिंतित हैं कि क्या ये Process कभी logical end तक पहुंच पाएगा. कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के decision making structures से अलग रखा जाएगा.

वहीं भारत ने कोरोना संकट से घिर विश्व को भी आश्वासन दिया.

प्रधानमंत्री ने सबसे बड़े मंच से  'जन कल्याण से जग कल्याण'  का मंत्र दिया, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए आतंकवाद पर पाकिस्तान का नाम लिए बगैर वार किया. आईए आपको UNGA में पीएम मोदी की बड़ी बातें बताते हैं.

1). PM मोदी ने कहा, "भारत को इस बात का बहुत गर्व है कि वो संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक देशों में से एक है. आज के इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं आप सभी के सामने भारत के 130 करोड़ लोगों की भावनाएं इस वैश्विक मंच पर साझा करने आया हूं."

2). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि "आज पूरे विश्व समुदाय के सामने एक बहुत बड़ा सवाल है कि जिस संस्था का गठन तब की परिस्थितियों में हुआ था, उसका स्वरूप क्या आज भी प्रासंगिक है?"

3). उन्होंने ये भी कहा, "अगर हम बीते 75 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियों का मूल्यांकन करें, तो अनेक उपलब्धियां दिखाई देती हैं. अनेक ऐसे उदाहरण भी हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के सामने गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता खड़ी करते हैं."

4). पीएम ने बोला "ये बात सही है कि कहने को तो तीसरा विश्व युद्ध नहीं हुआ, लेकिन इस बात को नकार नहीं सकते कि अनेकों युद्ध हुए, अनेकों गृहयुद्ध भी हुए. कितने ही आतंकी हमलों ने खून की नदियां बहती रहीं. इन युद्धों और हमलों में, जो मारे गए वो हमारी-आपकी तरह इंसान ही थे. लाखों मासूम बच्चे  जिन्हें दुनिया पर छा जाना था, वो दुनिया छोड़ कर चले गए. उस समय और आज भी, संयुक्त राष्ट्र के प्रयास क्या पर्याप्त थे?"

5). नरेंद्र मोदी ने कहा कि "पिछले 8-9 महीने से पूरा विश्व कोरोना वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रहा है, इस वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र कहां है? एक प्रभावशाली Response कहां है?"

6). PM मोदी ने कहा कि "भारत के लोग UN के रिफॉर्म्स को लेकर जो प्रोसेस चल रहा है, उसके पूरा होने का बहुत लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. भारत के लोग चिंतित हैं कि क्या ये Process कभी logical end तक पहुंच पाएगा. कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के decision making structures से अलग रखा जाएगा."

7). उन्होंने कहा कि "भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, तो वो किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं होती. भारत जब विकास की साझेदारी मजबूत करता है, तो उसके पीछे किसी साथी देश को मजबूर करने की सोच नहीं होती. हम अपनी विकास यात्रा से मिले अनुभव साझा करने में कभी पीछे नहीं रहते."

"भारत ने हमेशा पूरी मानव जाति के हित के बारे में सोचा है. न कि अपने निहित स्वार्थों के बारे में, भारत की नीतियां हमेशा से इसी दर्शन से प्रेरित रही हैं. Pandemic के इस मुश्किल समय में भी भारत की pharmaceutical industry ने 150 से अधिक देशों को जरूरी दवाइयां भेजीं हैं."

8). प्रधानमंत्री ने कहा कि "विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के तौर पर आज मैं वैश्विक समुदाय को एक और आश्वासन देना चाहता हूं. भारत की Vaccine Production और Vaccine Delivery क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी."

"अगले वर्ष जनवरी से भारत सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के तौर पर भी अपना दायित्व निभाएगा. दुनिया के अनेक देशों ने भारत पर जो विश्वास जताया है, मैं उसके लिए सभी साथी देशों का आभार प्रकट करता हूं."

9). नरेंद्र मोदी ने कहा कि "विश्व के सब से बड़े लोकतंत्र होने की प्रतिष्ठा और इसके अनुभव को हम विश्व हित के लिए उपयोग करेंगे. हमारा मार्ग जनकल्याण से जगकल्याण का है. भारत की आवाज हमेशा शांति, सुरक्षा, और समृद्धि के लिए उठेगी."

10). PM ने ये भी बोला, "आज भारत अपने गांवों के 150 मिलियन घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंचाने का अभियान चला रहा है. कुछ दिन पहले ही भारत ने अपने 6 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड ऑप्टिकल फाइबर से कनेक्ट करने की बहुत बड़ी योजना की शुरुआत की है. Pandemic के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं. आत्मनिर्भर भारत अभियान, Global Economy के लिए भी एक Force Multiplier होगा."

11). अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि "मुझे विश्वास है कि अपने 75वें वर्ष में संयुक्त राष्ट्र और सभी सदस्य देश इस महान संस्था कि प्रासंगिकता बनाएं रखने के लिए ओर प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे."

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