Omicron ने बढ़ाई चिंता, पांच साल से कम उम्र के बच्चे भी आ रहे इसकी चपेट में

दक्षिण अफ्रीका में 5 साल से कम उम्र के बच्चे ओमिक्रोन वेरिएंट के शिकार हो रहे हैं और उनमें से कई को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है.  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 4, 2021, 07:29 AM IST
  • दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रोन के चलते बढ़ रहे मामले
  • दो साल से कम उम्र के बच्चे भी हुए हैं अस्पताल में भर्ती

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Omicron ने बढ़ाई चिंता, पांच साल से कम उम्र के बच्चे भी आ रहे इसकी चपेट में

जोहान्सबर्गः कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रोन बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है. इसके संकेत दक्षिण अफ्रीका से मिले हैं. वहां 5 साल से कम उम्र के बच्चे ओमिक्रोन वेरिएंट का शिकार हो रहे हैं और उनमें से कई को अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आ रही है.

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, ओमिक्रोन (Omicron) वेरिएंट के कारण पांच साल से कम उम्र के बच्चों में अस्पताल में भर्ती होने की संख्या में वृद्धि हो रही है. दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रोन के परिणामस्वरूप कोविड-19 के मामले दोगुने देखने को मिल रहे हैं.

पिछले सात दिनों में कोरोना मामलों में हुई भारी वृद्धि
स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य मंत्री जो फाहला के हवाले से कहा, 'यह भी सामने आया है कि चौथी लहर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले बढ़े हैं.' देश के राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (NICD) के अनुसार, पिछले सात दिनों में मामलों में भारी वृद्धि हुई है.

NICD में सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ वसीला जसत के हवाले से कहा गया, 'इस लहर में एक नया चलन यह देखने को मिला है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की दर में इजाफा हुआ है.' रिपोर्ट के मुताबिक, एनआईसीडी ने यह भी कहा कि अस्पताल में भर्ती होने वाले कुल मरीजों के मुकाबले 10 प्रतिशत हिस्सा दो साल से कम उम्र के बच्चों का है.

जसत ने कहा, "बच्चों का बीमार होना चिंता का कारण है. दो साल से कम उम्र के बच्चों का ओमिक्रोन से संबंधित अस्पताल में भर्ती होने का हिस्सा 10 प्रतिशत है."

'तीसरी लहर के दौरान भी यही हुआ था'
जसत ने कहा कि संक्रमण की वर्तमान चौथी लहर में प्रवेश करने वाले देश के शुरुआती चरणों की तुलना में अधिक बच्चों को भर्ती कराया जा रहा है. हालांकि, तीसरी लहर के दौरान भी इसी तरह की प्रवृत्ति हुई थी. उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों के दाखिले राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे हैं.

गौतेंग अस्पतालों में 1,351 मरीज हैं. फाहला के हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य बेड ऑक्यूपेंसी 1.9 फीसदी है और आईसीयू के लिए यह 4.2 फीसदी है.

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