लंदन में मारे गए आतंकी उस्मान का पाकिस्तान कनेक्शन

लंदन ब्रिज पर चाकूबाजी कर दहशत फैलाने वाले आतंकी का खात्मा तो हो गया, लेकिन इस बीच उसका पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है. उस्मान खान बचपन से ही आतंकी संगठन अल-कायदा और आईएसआईएस से प्रेरित था.

लंदन में मारे गए आतंकी उस्मान का पाकिस्तान कनेक्शन

नई दिल्ली: लंदन ब्रिज पर शुक्रवार को दिनदहाड़े हुई चाकूबाजी से ब्रिटेन में दहशत मच गई थी. हाथ में चाकू लेकर लंदन ब्रिज पर खून-खराबा मचाने वाले युवक की जब पहचान जगजाहिर हुई, तो उसका पाकिस्तान कनेक्शन सामने आ गया. लंदन ब्रिज पर जो कुछ हुआ था वो कोई मामूली वारदात नहीं थी बल्कि एक आतंकी हमला था. क्योंकि इसे अंजाम देने वाला ये युवक एक आतंकी था. जिसका नाम उस्मान खान था.

चाकूबाजी में दो लोगों की जान लेने और तीन लोगों को जख्मी करने के बाद पुलिस के हाथों मारे गए 28 साल के उस्मान की जब कुंडली खंगाली गई तो उसका आतंकिस्तान यानी पाकिस्तान से सीधा कनेक्शन सामने आ गया. साथ ही कश्मीर में दहशतगर्दी मचाने की उसकी साजिश का भी पर्दाफाश हो गया.

उस्मान के खात्मा का वी़डियो देखिए-

भले ही उस्मान खान ब्रिटेन में रह रहा था लेकिन वो पाकिस्तानी मूल का था. महज 19 साल में आतंकवाद का रास्ता अख्तियार करने वाले उस्मान खान के दिलो-दिमाग में नाबालिग उम्र में आतंक का बीज तभी बो दिया गया था, जब वो पाकिस्तान में रह रहा था. उस्मान ने किशोर उम्र पाकिस्तान में ही अपनी मां के साथ गुजारी थी और उसी वक्त से उसके मन में जिहादी ख्याल पनपने लगे थे.

बचपन से ही आतंकी संगठन से था प्रेरित

आतंकी उस्मान खान बचपन से ही आतंकी संगठन अल-कायदा और आईएसआईएस से काफी प्रेरित होने लगा था. पाकिस्तान में उसकी इस कदर आतंकी परवरिश हुई कि उसने ब्रिटेन पहुंचते ही दहशतगर्दी में हाथ आजमाना शुरू कर दिया. 

भड़काऊ भाषण देता था उस्मान

2010 में ब्रिटेन में सक्रिय आतंकी संगठन 'अल- मुजाहिरन' के साथ उस्मान जुड़ गया और तब उसकी उम्र 19 साल थी और संगठन में वो सबसे युवा था. इस्लामिक कट्टरपंथी के रास्ते पर चल निकला उस्मान भड़काऊ भाषण देने लगा. अपने भाषण को वो इंटरनेट पर भी अपलोड करता था जो कट्टर युवाओं को पसंद आने लगा. एक आतंकी साजिश में उसके शामिल होने की भनक मिलने पर ब्रिटिश पुलिस ने 2012 में उसे गिरफ्तार किया था. पिछले ही साल 2018 के दिसंबर में वो जेल से बाहर आया था.

इस बीच आतंकी उस्मान का एक पुराना बयान वायरल हो रहा है, जो साल 2008 का है. वो अपने आतंकी होने को लेकर क्या कह रहा है नीचे दिए वीडियो में सुनिए-

यहां गौर करने वाली बात ये है कि ब्रिटेन में 26/11 मुंबई हमले जैसे आतंकी घटनाओं को अंजाम देने का मंसूबा वो पाले हुए था. उस्मान के टारेगट में लंदन के तत्कालीन मेयर बोरिस जॉनसन थे जो आज ब्रिटेन के पीएम हैं. उस्मान ने ब्रिटिश संसद पर भी हमले की साजिश रची थी. उसने लंदन स्टॉक एक्सचेंज को भी निशाना बनाने की सोची थी. वो लंदन में अमेरिकी दूतावास पर भी हमला करने की फिराक में था.

हाल ही में हुआ था जेल से रिहा

उस्मान खान की साजिशों के बारे में जब कोर्ट को पता चला तब साल 2012 में उसे दोषी ठहराते हुए ब्रिटिश कोर्ट के जज ने कहा था कि ऐसे आतंकी समाज के लिए खतरा हैं. लेकिन, उसे 2018 में जेल से रिहाई का मौका मिल गया और फिर एक साल के अंदर ही उसने लंदन ब्रिज पर चाकूबाजी की वारदात को अंजाम देकर साबित कर दिखाया कि उसके रग-रग में दहशतगर्दी का खून दौड़ रहा है.

भले ही उस्मान खान मारा गया लेकिन उसकी एक बड़ी साजिश कश्मीर को दहलाने की थी। आतंकी उस्मान की पुश्तैनी जमीन पाक अधिकृत कश्मीर में है और यहां से ही वो कश्मीर में हमले करने की प्लानिंग रच रहा था. पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में अपनी जमीन पर उस्मान आतंकी कैंप बनाना चाहता था और वो यहां पर नए रंगरूटों का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकी ट्रेनिंग देना चाहता था. उसका मकसद था कि ये आतंकी ट्रेनिंग लेकर सीमा पार करें और कश्मीर में दहशतगर्दी फैलाएं. हालांकि उस्मान खान अपनी साजिश में कामयाब हो पाता, उससे पहले ही वो अपनी आतंकी करतूत की वजह से लंदन में मारा गयाय लेकिन अभी भी पाकिस्तानी मूल के कई आतंकी विदेशों में रह कर भारत में गड़बड़ियां फैलाने की साजिश रच रहे हैं.

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