भारत से बिजनेस बॉयकॉट का खमियाजा, पाकिस्तान में कॉटन पर महंगाई की मार

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने की वजह से बौखलाहट में पाकिस्तान ने भारत के साथ सारे व्यापारिक संबंध खत्म कर लिया था. लेकिन इसका खामियाजा पाकिस्तान को काफी महंगा पड़ रहा है. लगता है इन सब को देखकर पाकिस्तान की अकल ठिकाने आ जाए. 

भारत से बिजनेस बॉयकॉट का खमियाजा, पाकिस्तान में कॉटन पर महंगाई की मार

नई दिल्ली: पाकिस्तान के आर्थिक हालात बिगड़े हुए हैं, लेकिन तेवर कम होने का नाम ही नहीं ले रहा. पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापार पूरी तरह से बंद है, दोनों देशों के बीच कोई आयात-निर्यात नहीं किया जा रहा है. लेकिन इसका खामियाजा पाकिस्तान को भुगतना पड़ रहा है यह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है.

व्यापार संबंध खत्म करने की वजह

भारत में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पाकिस्तान ने नाराजगी जताते हुए भारत से सारे व्यापारिक संबंध खत्म कर लिए थे. लेकिन इसका असर भारतीय बाजारों पर तो नहीं दिखा पर पाकिस्तान में शुरुआत से ही स्थिति डोलती हुई देखी जा रही है.

पहले टमाटर व सब्जियों के भाव ने पाकिस्तान के आवाम को रूलाया और अब कॉटन रुला रहा है. 

कितने का भुगतना पड़ रहा खामियाजा

भारत पाकिस्तान से हर साल कॉटन का आयात करता था, लेकिन इस साल पाकिस्तान को कॉटन का आयात अमेरिका, ब्राजील व अन्य देशों से करना पड़ रहा है. इन देशों से आयात के चलते पाकिस्तान को ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं.

भारतीय कॉटन का भाव करीब 69 सेंट प्रति पाउंड बताया जा रहा है वहीं वैश्विक बाजार में इसका भाव 74 सेंट प्रति पाउंड है. मतलब पाकिस्तान को 5 सेंट प्रति पाउंड ज्यादा देना पड़ रहा है. भारत और पाकिस्तान पड़ोसी देश हैं, जिसकी वजह से आयात में शुल्क भी कम लगता था. 

कितना रहा इस साल का उत्पादन

अमेरिकी एजेंसी USDA  की मानें तो इस साल पाकिस्तान में कॉटन का उत्पादन भी पिछले साल के मुकाबले कम हुआ है. पाकिस्तान में इस साल 89.9 लाख गांठ कॉटन का उत्पादन हुआ है बल्कि गत वर्ष 97.5 लाख गांठ का उत्पादन किया गया था. यानी की पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत की कमी आई है. पर पाकिस्तान में 137.2 लाख गांठ की खपत बताई जा रही है जिसका मतलब पाकिस्तान को 46.2 लाख गांठ कॉटन का आयात करना पड़ सकता है. वहीं भारत की बात करें तो भारत में इस साल कॉटन का उत्पादन लगभग 42 प्रतिशत ज्यादा बताया जा रहा है. इस साल कॉटन का उत्पादन 354 लाख गांठ बताया जा रहा है जबकि पिछले साल कॉटन का उत्पादन 312 लाख गांठ था. 

कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तान फिर से भारत के साथ व्यापारिक गतिविधियां शुरू कर सकता है अपितु इसकी संभावनाएं काफी कम हैं, लेकिन आज अपने बिना सोचे-समझे लिए गए फैसले का खामियाजा पाक से बेहतर कौन समझ सकता है.