कोरोना पर भी पाकिस्तान करा रहा अपनी जग हंसाई

कोरोना से पूरी दुनिया परेशान है, लेकिन पाकिस्तान को ये महामारी मजाक लग रही है. पाकिस्तान मलेरिया की दवा को कोरोना का इलाज समझ रहा है? इसके अलावा पाकिस्तान में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.  

कोरोना पर भी पाकिस्तान करा रहा अपनी जग हंसाई

नई दिल्ली: पूरी दुनिया में कोशिश इस बात की हो रही है की कोरोना के खिलाफ जंग कैसे लड़ी जाए लेकिन पाकिस्तान अपनी जग हंसाई से बाज नहीं आता है. वहां कब्रिस्तान के लिए जगह मुहैया कराकर कोरोना के खिलाफ ये तैयारी की गई है.

पाकिस्तान में मस्जिद ज्यादा और डॉक्टर कम हैं!

पाकिस्तान में मेडिकल उपकरणों की कमी के की वजह से लड़ाई मुश्किल हो रही है. हर 5 हजार लोगों पर एक बेड है.

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में सिर्फ 25 हजार टेस्टिंग किट हैं. सरकार ने कनाडा से एक लाख टेस्टिंग किट खरीदने का आडॅर दिया है. 14 लैबोरेटरी में सैंपल  की जांच की जा रही है. करीब 22 हजार संदिग्धों को टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार है. कराची के आगा खान यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल जैसे अस्पतालों ने नए सैंपल लेने से इनकार कर दिया है. इस्लामाबाद के 4 सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने हड़ताल की चेतावनी दी है.

मलेरिया की दवा को कोरोना का इलाज समझ रहा है पाकिस्तान?

वहीं हैरान करने वाली बात ये भी है की पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया जा रहा है की मलेरिया की दवा से कुछ कोरोना पीड़ितों को फायदा हुआ है.

पाकिस्तान में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं?

कुछ दिन पहले तक इमरान खान भारत के लॉकडाउन को फैसले को गलत बता रहे थे लकिन अब पाकिस्तान में भी कुछ प्रांतों में लगाया गया लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है. लेकिन पाकिस्तान में सोशल डिस्टेंसिंग का भी मजाक बना रखा है.

पाकिस्तान ने पूरे देश में लॉकडाउन नहीं किया है. सिर्फ कुछ प्रांतों की सरकारों ने आंशिक लॉकडाउन किया है. लेकिन पाकिस्तान जिस तरह से कोरोना से लड़ रहा है. उससे पाकिस्तानी मीडिया में भी नाराज़गी है. कोरोना के खिलाफ पाकिस्तान की तैयारियां अच्छी नहीं हैं और ये अच्छी खबर नहीं है.

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वहीं पाकिस्तान में कुछ मौलवियों ने मस्जिदों में नमाज नहीं पढ़े जाने के फैसले का विरोध भी करना शुरू कर दिया है.

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