• पूरी दुनिया में कोरोना से 1097810 लोग प्रभावित, अब तक 59140 लोगों की मौत हुई, 228405 लोग रोगमुक्त हुए
  • भारत में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 2902, इसमें से 68 लोगों की मौत हुई, 184 इलाज के बाद ठीक हुए
  • महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा 423 मरीज, 19 लोगों की मौत हुई, 42 लोग ठीक हुए
  • तमिलनाडु में कोरोना से 411 लोग प्रभावित, 1 की मौत, 6 लोग ठीक हुए
  • केरल में अब तक 295 लोगों को हुआ कोरोना, 2 की मौत हो चुकी है, 27 इलाज के बाद ठीक हुए
  • दिल्ली में कोरोना के 386 मरीज, 6 की मौत, 8 लोग ठीक हुए, मध्य प्रदेश में कोरोना से 155 लोग संक्रमित, 9 लोगों की मौत
  • यूपी में कोरोना के 188 मरीज, 14 लोग ठीक हुए, 2 लोगों की मौत
  • राजस्थान में कोरोना के 179 मरीज, 3 लोग इलाज के बाद ठीक हुए, अभी तक एक भी मौत नहीं
  • तेलंगाना में कोरोना के 158 मरीज, 7 लोगों की मौत, मात्र 1 ही इलाज के बाद ठीक हुआ
  • कर्नाटक में कोरोना के 128 मरीज और आंध्र प्रदेश में 161 लोगों में कोरोना वायरस का असर

ब्लैक लिस्ट होने की कगार पर पाकिस्तान

आतंकवाद के मुद्दे पर पूरी दुनिया में बेनकाब होने वाला पाकिस्तान एक बार फिर से संकट में है.

ब्लैक लिस्ट होने की कगार पर पाकिस्तान

दिल्ली: आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर होने के लिए 4 महीने का समय और दिया है. इस समयावधि में अगर पाकिस्तान सभी बिंदुओं को लागू करने में सफल हो जाता है तो उसे ग्रे लिस्ट से बाहर किया जा सकता है अन्यथा पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा.

पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा

एफएटीएफ की अगली बैठक में पाकिस्तान द्वारा टेरर फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी सरगनाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा होगी. अगर एफएटीएफ इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होता है तो उसका ब्लैकलिस्ट होना तय हो जाएगा. इसे लेकर पाकिस्तान पर दबाव होगा. हालांकि, बैठक में केवल तुर्की एक ऐसा देश था जिसने पाकिस्तान का समर्थन किया था.

जून में फिर से होगी समीक्षा

अब एफएटीएफ की अगली बैठक जून में होगी. जिसमें पाकिस्तान द्वारा आतंकी वित्तपोषण, मनी लांड्रिंग और आतंकी सरगनाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की गहन समीक्षा की जाएगी. यदि चार महीने में पाकिस्तान एफएटीएफ की मांगों को पूरा नहीं कर पाता है तो उसे कालीसूची में डाल दिया जाएगा.

चीन और सऊदी ने भी छोड़ा पाक का साथ 

आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने वाले पाकिस्तान का साथ उसके सदाबहार दोस्त कहे जाने वाले चीन और सऊदी अरब ने छोड़ दिया है. एफएटीएफ की बैठक में चीन ने भारत, अमेरिका, यूरोपीय देशों और सऊदी अरब का साथ दिया. हालांकि आपको बता दें कि पाकिस्तान को दूसरा मौका मिलने की वजह चीन का दखल है. चीन द्वारा किए गए ट्वीट में इस बात की पुष्टि भी हुई.

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चीन के विदेश मंत्रालय ने लिखा, ‘‘आतंकवादी संगठनों पर लगाम लगाने के लिए पाकिस्तान का प्रयास सराहनीय है, जिसे पेरिस में एफएटीएफ की बैठक में कई सदस्य देशों ने भी स्वीकार किया है। चीन और अन्य देश इस क्षेत्र में पाकिस्तान की मदद करते रहेंगे.''

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