प्रकृति दे रही पाकिस्तान को उसके पापों की सजा!

पाकिस्तान के पापों का घड़ा भर गया है. अपने नेताओं की करतूतों की वजह से पाकिस्तान दर-दर का भिखारी बना फिर रहा है. वहीं प्रकृति ने भी पाकिस्तान पर अपना कहर बरपाना शुरु कर दिया है.   

प्रकृति दे रही पाकिस्तान को उसके पापों की सजा!

नई दिल्ली: आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान दुनिया में अकेला पड़ता जा रहा है. इसके बावजूद उसने भारत विरोध का एजेन्डा छोड़ा नहीं है. लेकिन अब पाकिस्तान को उसके करतूतों की सजा कुदरत के हाथों मिल रही है. 

बर्फबारी से बदहाल हो रहा है पाकिस्तान 
पाकिस्तान  में लगातार बर्फबारी जारी है. इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की तादाद 100 की संख्या को भी पार कर चुकी है. पाकिस्तानी मीडिया लगातार पाकिस्तान  की इस प्राकृतिक आपदा के बारे में लोगों को सूचना दे रहा है. बर्फबारी का सबसे ज्यादा असर पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में देखा जा रहा है. 

पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक भारी बर्फबारी से पाकिस्तान  अधिकृत कश्मीर की नीलम घाटी में 52 घर बर्बाद हो गए हैं. इसके अलावा सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं.

इस इलाके में बर्फबारी से सबसे ज्यादा 73 मौतें दर्ज की गई हैं. इसके अलावा सियालकोट और पंजाब इलाके में भी खराब मौसम के कारण 7 लोगों की मृत्यु हुई है. 

पाकिस्तान  के अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया है कि बलूचिस्तान इलाके में मौसम संबंधी घटनाओं में 31 लोगों की जान चली गई है. ये आंकड़े बलूचिस्तान प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हवाले से जारी किए गए हैं. 

बर्फबारी ने तोड़ा 50 साल का रिकॉर्ड
पाकिस्तान  में सर्दी और बर्फबारी ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. खराब मौसम के कारण स्वात, कोहिस्तान, संगला, बुनेर, मनशेरा, एबटाबाद, मुरी, गलवत, नीलम, बाग, हवेली, रावलाकोट, एस्टोर, हुंजा और स्कार्दू जिलों में सड़कें बंद कर दी गई हैं. 

भारी बर्फबारी के कारण पाकिस्तान  और अफगानिस्तान को जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्ग भी बंद हैं. 

राहत और बचाव कार्य में आ रही है मुश्किल 
भीषण ठंड और बर्फबारी के कारण पाकिस्तान  में राहत और बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है. सेना ने राहत कार्य तेज करने के साथ ही देश में खराब मौसम से प्रभावित लोगों की मानवीय आधार पर मदद भी तेज कर रही है.

पाकिस्तान  की सेना ने बारिश और बर्फबारी से प्रभावित इलाके में स्थानीय प्रशासन की मदद के लिये सेना के जवानों और हेलीकॉप्टरों को काम पर लगाया है.

इसके अलावा रास्तों को खोलने में भी पाकिस्तानी सेना मदद कर रही है. इसके अलावा घाटी के दूर-दराज के इलाके में हेलीकॉप्टरों के जरिये पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. 
 
भीषण बारिश के कारण पाक अधिकृत कश्मीर, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में प्रमुख सड़कें और राजमार्ग बंद हैं. 

बारिश ने भी रुलाया था पाकिस्तान को
बर्फबारी से पहले पिछले साल बारिश के मौसम में भी पाकिस्तान को बेहद बुरी स्थिति का सामना करना पड़ा था. साल 2019 के जुलाई के महीने से शुरु हुई भारी बारिश के कारण पाकिस्तान  में 161 लोगों की मौत हो गई थी और 137 लोग घायल हुए थे.

उस समय बकरीद आने वाली थी. जिस दौरान बारिश का कहर पाकिस्तानियों पर टूट पड़ा था. इस बारिश में पाकिस्तान  में लाखों की संख्या में पशुओं की भी मौत हो गई थी. 

पहले बारिश की वजह से पाकिस्तान  बर्बाद हुआ. जिसके बाद सर्दी का मौसम पाकिस्तानियों को मुश्किल में डाल रहा है. क्या पाकिस्तान  को उसके गुनाहों की सजा प्रकृति दे रही है?

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