इस पाकिस्तानी सिख नेता की हालत बताती है कि CAA है कितना जरुरी

पाकिस्तान में सिखों को इतनी प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है कि एक बड़े सिख नेता को अपने परिवार के साथ पाकिस्तान छोड़ना ही पड़ गया. राधेश सिंह नाम के इस शख्स की हालत ये बताती है कि भारत के लिए नागरिकता संशोधन कानून कितना जरुरी था.   

इस पाकिस्तानी सिख नेता की हालत बताती है कि CAA है कितना जरुरी

नई दिल्ली: पाकिस्तान के बड़े सिख नेताओं में शुमार होने वाले राधेश सिंह उर्फ़ टोनी भाई को अपने परिवार के साथ पाकिस्तान छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. वह साल 2018 में आम चुनावों में पेशावर से उम्मीदवार भी थे. खड़े हुए थे. जिसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं. 

परिवार की जान बचाने के लिए घर छोड़ने के लिए हुए मजबूर
राधेश सिंह फिलहाल पाकिस्तान छोड़ चुके हैं. वह ये बताने के लिए तैयार नहीं हैं कि उन्होंने कहां शरण ली है. मीडिया द्वारा पूछने पर उन्होंने बताया कि 'मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मैंने ख़ुद की और अपने बच्चों की जान बचाने के लिए पाकिस्तान छोड़ दिया है.'

राधेश सिंह का कहना था कि 'अगर बात सिर्फ़ मेरी जान की होती तो मैं किसी भी सूरत में पाकिस्तान नहीं छोड़ता लेकिन ये मेरे परिवार और मुझसे जुड़े लोगों की ज़िंदगी का भी सवाल था. ऐसी स्थिति में मेरे पास मातृभूमि छोड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था.'

सिख नेता राधेश सिंह इतने डरे हुए हैं कि उन्होंने ये बताने से इनकार कर दिया है कि वह फिलहाल कहां रह रहे हैं. 

बेटे को नजरों के सामने किया गया था जख्मी
राधेश सिंह ने शिकायत की है कि वो अपने बेटे के साथ 7 दिसंबर की शाम को मोटरसाइकिल से पाकिस्तान की काछा जेल रोड के सामने से गुज़र रहे थे, तभी चार लड़कों ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया. यह सभी लोग डंडे और पिस्तौलों से लैस थे. 

इन सभी ने राधेश सिंह के सामने उनके बेटे को पीट पीटकर बुरी तरह जख्मी कर दिया. इस घटना के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए राधेश सिंह ने कहा था कि 'उन सभी के हाथ में डंडे और पिस्तौल देखकर यह तय करना आसान था कि उनके साथ लड़ाई करने का कोई फ़ायदा नहीं और उन लोगों ने मेरे जवान बेटे को मारकर घायल कर दिया था. ऐसे में चुपचाप वापस घर लौटना ही बेहतर समझा.'

राधेश सिंह के साथ हुई घटना बताती है CAA है कितना जरुरी
पाकिस्तान में राधेश सिंह अपना घर बार छोड़कर बेघरों की तरह भटकने के लिए मजबूर हैं. उनकी ये हालत बताती है कि भारत का नया नागरिकता संशोधन कानून कितना जरुरी है. क्योंकि इसके  लागू होने के बाद राधेश सिंह जैसे प्रताड़ित लोगों को भारत में शरण मिल जाएगी. 

लेकिन भारत के कट्टरपंथी राधेश सिंह जैसे मजबूर लोगों की मदद के लिए बनाए गए नागरिकता संशोधन कानून(CAA) का विरोध कर रहे हैं. इसके पहले भी पाकिस्तान में सिख लड़कियों को अगवा करके जबरदस्ती शादी करने और गुरुद्वारों पर हमला और पथराव करने जैसी कई घटनाएं हो चुकी हैं. 

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