आतंकिस्तान का सबसे बड़ा 'कबूलनामा', मुंबई हमले के 11 आतंकियों को घोषित किया मोस्ट वॉन्टेड

पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने मुंबई हमले को अंजाम दिया लेकिन पाकिस्तान का सबसे बड़ा कबूलनामा अब पूरी दुनिया के सामने है. पाकिस्तान ने कबूल किया है कि 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता उसके यहां मौजूद हैं.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Nov 11, 2020, 07:25 PM IST
  • अगर पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में बना रहता है तो उसकी आर्थिक स्थिति का और बेड़ा गर्क होना तय है
  • पाकिस्तान को IMF और यूरोपीय संघ से आर्थिक मदद मिलना भी मुश्किल हो जाएगा.
  • पहले से ही कंगाली के हाल में जी रहे पाकिस्तान की हालात और खराब हो जाएगी.
  • पाकिस्तान ने कबूल किया है कि 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता उसके यहां मौजूद हैं.
आतंकिस्तान का सबसे बड़ा 'कबूलनामा', मुंबई हमले के 11 आतंकियों को घोषित किया मोस्ट वॉन्टेड

नई दिल्लीः एक ऐसी खौफ़नाक रात. जिसकी तस्वीर जब-जब आंखों के सामने होती है. जर्रा-जर्रा कांप उठता है. कभी न खत्म होने वाला एक ऐसा घाव जो नासूर बनकर हमेशा मुंबई के दिल में ताउम्र जिंदा रहेगा. 10 आतंकियों ने रात के अंधेरे में ऐसा खूनी खेल खेला कि पूरा मुंबई ही नहीं पूरा देश भी थर्रा उठा. पूरे 60 घंटे तक सिर्फ और सिर्फ गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई देती रही. होटल ताज से लेकर मुंबई की सड़कों तक खौफ़ पसरा हुआ था. 

आतंकियों के खिलाफ की सख्त कार्रवाई
पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने मुंबई हमले को अंजाम दिया लेकिन पाकिस्तान का सबसे बड़ा कबूलनामा अब पूरी दुनिया के सामने है. पाकिस्तान ने कबूल किया है कि 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता उसके यहां मौजूद हैं.

दरअसल, पाकिस्तान के पीएम मियां इमरान खान को आखिरकार भारत के दबाव में घुटने टेकने पड़े हैं. पीएम मोदी की सफल कूटनीति और सेना के शौर्य से मात खाए आतंकिस्तान को आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही है. 

पाक का कबूलनामा- मुंबई हमले के 11 लश्कर आतंकी उसके यहां
पाकिस्तान ने माना है कि मुंबई हमले के 11 लश्कर आतंकी उसके यहां मौजूद हैं. FIA ने मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की नई लिस्ट में मुंबई हमले में शामिल 11 आतंकियों के नाम दर्ज किए हैं. इतना ही नहीं, इन आतंकियों के ठिकाने को बताने पर इनाम का भी ऐलान किया गया है.

इनमें मुल्तान का मो. अमजद खान का नाम भी शामिल है जो मुंबई हमले के लिए नाव खरीदने में शामिल था. आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने मुंबई हमले को अंजाम दिया था. 

FATF में घिरा पाकिस्तान
26 नवंबर 2008 को मुंबई हमले में 155 लोगों की जान गई थी. दरअसल, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से पाकिस्तान की परेशानी बढ़ी है. FATF में भारत की सफल कूटनीति से पाकिस्तान घिर चुका है. यही वजह है कि आतंकवादियों के खिलाफ एक्शन लेने पर पाकिस्तान मजबूर हुआ है.

पाकिस्तान खुद को किसी भी तरह FATF की ग्रे लिस्ट से खुद को बाहर निकालना चाहता है.  लेकिन, इसके लिए उसे आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी. यही वजह है कि पाकिस्तान ने दिखावे के खातिर इन आतंकवादियों को मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में डाला है. 

तो इस बात से अक्ल ठिकाने आई
अगर पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में बना रहता है तो उसकी आर्थिक स्थिति का और बेड़ा गर्क होना तय है. क्योंकि पाकिस्तान को IMF और यूरोपीय संघ से आर्थिक मदद मिलना भी मुश्किल हो जाएगा. पहले से ही कंगाली के हाल में जी रहे पाकिस्तान की हालात और खराब हो जाएगी.

दूसरे देशों से भी पाकिस्तान को आर्थिक मदद मिलना बंद हो सकता है. क्योंकि, कोई भी देश आर्थिक रूप से कमजोर देश में निवेश करना नहीं चाहेगा. जिस तरह आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र और उस पर पाकिस्तानी जमीन से आतंक की खेती के आरोप लगते रहे हैं. उसके बाद पाकिस्तान अब हर मोर्चे पर घिर चुका है. 

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