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करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र! बयान से पलटा PAK

करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान ने अपने पुराने बयान से पलटी मार ली है. कॉरिडोर के गेट खोलने को लेकर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान दिया. जिसके बाद उसका एक और झूठ सामने आ गया. क्या है वो फरेब यहां देखिए..

करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र! बयान से पलटा PAK

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान हमेशा ही अपने दोहरे चरित्र का खुद ही परिचायक बन जाता है. इसी बीच करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन पर पाकिस्तान अपने बयान से पलट गया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कॉरिडोर के उद्घाटन की कोई तारीख अभी तक तय नहीं हुई है. 

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने ये जानकारी दी है कि अभी को तारीख तय नहीं हुई है.

फैसल ने कहा कि 'करतारपुर कॉरिडोर प्रधानमंत्री इमरान खान के वादे के मुताबिक समय से पूरा होगा. इसका समय पर उद्घाटन हो जाएगा, लेकिन मैं अभी कोई तारीख नहीं बता सकता क्योंकि अब तक यह तय नहीं हुई है.'

पाकिस्तान ने पहले 9 नवंबर से करतारपुर कॉरिडोर के खुलने की बात कही थी. हांलाकि मोहम्मद फैसल ने भरोसा दिया कि कॉरिडोर 12 नवंबर को गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के मौके पर खुल जाएगा.

क्या है करतारपुर कॉरिडोर? 

  • पाक के नारोवाल जिले में करतारपुर साहिब स्थित है
  • सिख समुदाय के लिए आस्था का केंद्र है
  • गुरू नानक ने जिंदगी के 18 साल यहां गुजारे थे
  • मान्या के अनुसार करतारपुर साहिब को पहला गुरुद्वारा माना जाता है
  • इस गुरुद्वारे की नींव गुरू नानक देव ने रखी थी
  • 1947 में बंटवारे के वक्त ये गुरुद्वारा पाकिस्तान में चला गया था
  • गुरुद्वारे में दर्शन के लिए वीजा की जरुरत होती थी
  • कॉरिडोर खुलने पर बिना वीजा के दर्शन संभव हो जाएगा

दरअसल, केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेतेकरतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र! बयान से पलटा PAK हुए बताया था कि गुरुदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से करतारपुर साहिब तक एक भव्य कॉरिडोर का निर्माण होगा. जो आधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह लैस रहेगा. उस वक्त ये बताया गया था कि 3 से 4 किलोमीटर तक के कॉरिडोर का निर्माण एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तर्ज पर होगा.

आपको बता दें, गलियारे के निर्माण का फैसला 22 नवंबर 2018 को कैबिनेट की बैठक में लिया गया था. फैसले के मुताबिक गलियारे का निर्माण गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक किया जाएगा. करतारपुर पाकिस्तान के पंजाब में नरोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानकदेव ने अपने जीवन के 18 वर्ष यहां बिताए थे.