कोरोना के मरीज़ों को मारी जा रही हैं गोलियां

उत्तर कोरिया में देखा गया ये नज़ारा जहां एक कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज को गोली मार  दी गई. उसे यह सज़ा मिली थी उसके एक छोटे से कसूर के बदले. और उसका कसूर था कि वह गलती से सार्वजनिक स्थल पर चला गया था..  

 कोरोना के मरीज़ों को मारी जा रही हैं गोलियां

नई दिल्ली. अब कोरोना वायरस के शिकार लोगों को कोरोना से डरने की उतनी जरूरत नहीं जितनी उन लोगों से है जो उनके देशों की सरकार चला रहे हैं. उत्तर कोरिया में चीन से लौटे एक व्यक्ति को मिली ऐसी सज़ा कि अब उसे ज़िंदगी में कोई दूसरी सज़ा उत्तर कोरिया की तानाशाह सरकार दे नहीं पाएगी. कोरोना वायरस उसे था या नहीं पर वायरस के संदिग्ध इस व्यक्ति को सरेआम गोली मार दी गई.

 

सार्वजनिक स्नान वाले स्थान पर था यह व्यक्ति 

वैसे भी उत्तर कोरिया किम जोंग जैसे सनकी तानाशाह द्वारा प्रशासित देश है. यहां पर किस बात के लिए कब किसको गोली मार दी जाये, कुछ नहीं कहा जा सकता. मारा गया व्यक्ति चीन से कोरिया आया था इस लिए माना जा रहा था कि यह शख्स कोरोनावायरस से पीड़ित था. ऊपर से उसने वो गलती कर दी जो उसकी ज़िंदगी की आखिरी गलती साबित हुई - वह ऐसे स्थान पर देखा गया जहां जाना नियमों के खिलाफ है. 

सख्त नियम हैं चीन से आये लोगों के लिए 

उत्तर कोरिया में किम जोंग उन ने चीन से लौटने वाले सभी लोगों के लिए सख्त नियम क़ानून बना डाले हैं. कोरोनावायरस के इस संदिग्ध मरीज़ ने इन नियमों का उल्लंघन किया था. जबकि उसे अपने आइसोलेशन कक्ष में रहना चाहिये था, पर वह सार्वजनिक स्नान वाले स्थान पर देखा गया था. 

 

आइसोलेशन कैम्प्स में हैं चीन से आये लोग 

पिछले एक महीने में चीन से वापस आये सभी उत्तर कोरियाई नागरिकों को आइसोलेशन कक्ष में रखा जा रहा है. अब बिना दवा और डॉक्टर्स के ये लोग कब तक यहां रखे जायेंगे, कुछ तय नहीं है. इस बीच रेड क्रॉस ने कोरोनावायरस से बचाव के लिए उत्तर कोरिया पर लगे प्रतिबंधों को तुरंत रूप से हटाने का आग्रह किया है. रेड क्रॉस के जारी किये गए एक बयान के अनुसार उन्होंने कहा है कि हमें पता चला है कि वहां सुरक्षात्मक उपकरणों और टेस्टिंग किट की आपात जरूरत है.

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