Türkiye's new air defense steel dome: हर देश सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम पर निर्भर है. इसलिए एक के बाद एक एयर डिफेंस सिस्टम युद्ध के मैदान में उतर रहे हैं. भारत सहित पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा रूसी एयर डिफेंस S-400 और इजरायली एयर डिफेंस आयरन डोम की होती है. तकनीक को छोड़कर मशहूर होने की बात करें तो आयरन डोम का कोई मुकाबला नही हैं.
इजरायल के बाद अमेरिका ने गोल्डन डोम नाम के एयर डिफेंस का सपना देखा. इसके बाद ताइवान ने T-Dome बनाना शुरू किया. अब इस रेस में एक नया खिलाड़ी तुर्की भी उतर गया है. तुर्की ने स्टील डोम नाम से एक गुपचुप एयर डिफेंस सिस्टम बनाया है, जो तुर्की की सेना को डिलीवर किया गया है.
एयरक्राफ्ट को हवा में चीटी की तरह मसल देगा
तुर्की का स्टील डोम एयर डिफेंस भी उतना ही काबिल है, जितना की एक एयर डिफेंस को होना चाहिए. जैसे एयरक्राफ्ट, ड्रोन और मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर देना. इन सब के अलावा स्टील डोम की कुछ खासियत ऐसी हैं, जिनसे तुर्की के दुश्मनों का पार पाना मुश्किल है. यह एयर डिफेंस एक मजबूत किले के रूप में तुर्की की रक्षा करेगा.
स्टील डोम की खासियत
स्टील डोम एयर डिफेंस हर तरह के खतरों से निपटन के काबिल है. यह दुश्मन के विमान, क्रूज मिसाइलें, ड्रोन और हाइपरसोनिक हथियार को हवा में नष्ट कर सकता है. इसके अलावा इसकी सबसे बड़ी खासियत रेंज और एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम का जुड़ना है. स्टील डोम 650 किलोमीटर का रक्षा घेरा बनाता है. इस घेरे के अंदर आने वाले हवाई खतरे की गंभीरता को भाप कर उसी हिसाब से मिसाइल प्रहार करता है. तुर्की ने इस एयर डिफेंस सिस्टम को खुद बनाया है. इसे बनाने की जिम्मेदारी तुर्की की बड़ी डिफेंस कंपनी ASELSAN के पास है.
क्या है Steel Dome सिस्टम?
स्टील डोम पूरी तरह से नई पीढ़ी का एयर डिफेंस है. इसलिए मॉडर्न और पुराने हवाई खतरों से निपटने में सक्षम है. इस एयर डिफेंस में रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, मिसाइल इंटरसेप्टर है. इसके अलावा एक कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम है, जो सबको जोड़ता है. यह प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो गया है. उत्पादन की प्रक्रिया चालू हो गई है. 2025 में 47 नए मुख्य उपकर तुर्की की सेना को सौंपे जा चुके हैं.
कैसे काम करता है Steel Dome नेटवर्क?
इस सिस्टम का नेटवर्क एन्क्रिप्टेड (सुरक्षित) और मजबूत 5G मिलिट्री कम्युनिकेशन सिस्टम पर चलता है. इससे हर सेंसर और हथियार रियल टाइम जानकारी शेयर करते हैं. इसके नेटवर्क को जैमर से जाम नहीं किया जा सकता है. बहुत तेजी से सूचनाएं विजुअल फॉर्म में साझा करता है. हर यूनिट पर एक ही विजुअल जाता है. इससे एक साथ एक टारगेट पर कई हमले हो सकते हैं. टारगेट चाहे जितना बड़ा हो. इसमें S- 400 की तरह कई रेंज की मिसाइलें होती है, जो टारगेट की दूरी के हिसाब से छोड़ी जाती हैं.
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