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  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 13,28,337 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 40,699 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 67.15% से बेहतर होकर 67.62% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 51,706 मरीज ठीक हुए
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अतीत की बुरी यादों से निकलने के लिए 'बापू' को इस तरह सम्मानित करेगा ब्रिटेन

उपनिवेशवाद के दौर में नस्ल, भाषा और रंग के आधार पर दुनियाभर में प्रताड़ना और अत्याचार का निंदनीय काम करने वाला ब्रिटेन अब अपने कृत्य पर शर्मिंदा है. इसके लिए ब्रिटेन की सरकार ने महात्मा गांधी का सहारा लिया है.  

अतीत की बुरी यादों से निकलने के लिए 'बापू' को इस तरह सम्मानित करेगा ब्रिटेन

नई दिल्ली: पूरी दुनिया में अनेक देशों पर ब्रिटेन ने राज किया है. इन देशों में ब्रितानी सरकारों ने नस्ल, भाषा और रंग के आधार पर लोगो को अनेक अमानवीय यातनाएं दी हैं जिनकी आलोचना आज भी उसे सुननी पड़ती है. नस्लभेद और उपनिवेशवाद की वजह से ब्रितानिया हुकूमत हमेशा सवालों के घेरे में रही है, माना जा रहा है कि ऐसा करके ब्रिटेन की सरकार अतीत की बुरी यादों से निकलना चाहती है और इसके लिए वो दुनिया भर में मानवता के सबसे बड़े और  सच्चे उपासक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सम्मानित करेगी.

बापू के सम्मान में UK में जारी होगा सिक्का

जब जब ब्रिटेन के इतिहास का दुनिया मूल्यांकन करती है तब तब उसे अपने किये हुए कुकृत्यों के लिए शर्मिंदा होना पड़ता है. इस कलंक को धोने के लिए अब भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान में एक सिक्का जारी करने की तैयारी है, ताकि अश्वेत, एशियाई और अन्य गैर इसाई लोगों के योगदान को पहचान और सम्मान दिया जा सके.

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दुनियाभर में चर्चा में रहा नस्लवाद का मुद्दा

गौरतलब है कि अमेरिका में कुछ दिन पहले पुलिस की बरबर्ता से हुई अश्वेत फ्लाएड की मौत के बाद दुनिया भर में नस्लवाद का मुद्दा और तेजी से गूंजा. दुनिया भर में हुए प्रदर्शनों में फ्लॉयड को वैश्विक रंगभेद, उपनिवेशवाद और पुलिस की बरबर्ता से मुकाबले का प्रतीक माना गया. ब्रिटेन की सरकार का मानना है कि इतिहास में जो भी हुआ उसे मिटाया तो नहीं जा सकता लेकिन उससे प्रेरणा लेकर भविष्य में कोई ऐसा न कर सके, ये व्यवस्था जरूर की जा सकती है.

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प्रताड़ित समुदायों को गरिमा प्रदान करने की तैयारी

उल्लेखनीय है कि शनिवार को यूके ट्रेजरी डिपार्टमेंट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वित्त मंत्री रिशी सुनक ने रॉयल मिंट एडवाइजरी कमेटी (RMAC) को इन समुदायों का मान-सम्मान सुनिश्चित कराने को कहा है. बता दें कि RMAC विशेषज्ञों की वो स्वतंत्र संस्था है, जो सिक्के की बनावट और डिजाइन से लेकर हर महत्वपूर्ण फैसले में ब्रिटेन के वित्त मंत्री को सहयोग देती है.