• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 89,995 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,82,143: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 86,984 जबकि अबतक 5,164 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • अनलॉक 1.0- कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर चरणबद्ध तरीके से गतिविधियों को फिर से शुरू करने की मंजूरी
  • अंतर-राज्यीय और राज्य के भीतर व्यक्तियों और सामान की आवाजाही पर कोई बंदिश नहीं होगी
  • देश भर में 10,541 क्वारंटीन केंद्र और 7,304 कोविड देखभाल केंद्र में 6,64,330 बेड उपलब्ध हैं
  • केंद्र ने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों / केंद्रीय संस्थानों को 119.88 लाख एन 95 मास्क और 96.14 लाख पीपीई प्रदान किए हैं
  • रेलवे ने राज्य सरकारों से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए योजना और समन्वय को बढ़ावा देने का अनुरोध किया
  • आईटी मंत्री ने राष्ट्रीय AI पोर्टल लॉन्च किया, जो AI से संबंधित विकास और संसाधन केन्द्र का एक वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म है
  • सावधान रहें: कोविड-19 जैसी बीमारी से लड़ते समय, जानकारी सबसे बड़ा हथियार है

क्या सचमुच द्वितीय विश्व युद्ध से बड़ा खतरा है कोरोना वायरस?

क्या कोरोना वायरस दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया पर सबसे बड़ा खतरा है. UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ऐसा ही मानते हैं. उन्होंने कोरोना वायरस  की  तुलना द्वितीय विश्व युद्ध से की है.

क्या सचमुच द्वितीय विश्व युद्ध से बड़ा खतरा है कोरोना वायरस?

नई दिल्ली: पूरे विश्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई महामारी कोरोना वायरस के खौफ से हर कोई दहशत में है. जिसे देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस मुश्किल दौर की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध से की है. साथ ही उन्होंने इस वायरस को सबसे बड़ी चुनौती बताया है. एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यह महामारी न केवल लोगों की जान ले रही है बल्कि आर्थिक  मंदी की ओर भी ले जा रही है. उन्होंने कहा कि हाल फिलहाल के इतिहास में ऐसा भयानक संकट नहीं पैदा हुआ था.

दूसरे विश्व युद्ध की तबाही से बड़ी कोरोना महामारी?

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद पूरी दुनिया इस समय सबसे चुनौतीपूर्ण संकट का सामना कर रही है. यूएन चीफ के मुताबिक समय रहते हालात नहीं सुधरे तो इससे दुनिया भर में संघर्ष पैदा हो सकता है.

यूएन महासचिव ने दी बड़े ख़तरे की चेतावनी

UN महासचिव ने दूसरे वर्ल्ड वार का जिक्र किया लेकिन क्या आपको मालूम है कि द्वितीय विश्व युद्ध बनाम कोरोना महामारी का ग्राफ कैसा है?

दूसरा विश्व युद्ध

उस दौर में जब विश्व युद्ध छिड़ा था तो पूरी दुनिया दो हिस्सों में बंट गई थी. जिसमें कुल 61 देश शामिल हुए थे. इस युद्ध के दौरान परमाणु बम का इस्तेमाल किया गया था. जबकि युद्ध के दौरान करीब दुनियाभर के 5 से 7 करोड़ लोगों की मौतें हुई थी.

कोरोना महामारी

हर किसी को खौफ के साए में जीने पर मजबूर करने वाले इस कोरोना वायरस का असर पूरी दुनिया पर है. दुनिया के 200 से ज्यादा देश इससे प्रभावित हैं. जबकि एक अकेले वायरस ने हाहाकार मचा रखा है. अबतक इससे करीब 40 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी है.

क्यों अहम है संयुक्त राष्ट्र महासचिव की चिंता

दुनिया में कोरोना का कहर जारी है. 193 सदस्य देशों वाले यूएन चीफ की चिंता जायज है. लाखों लोग कोरोना वायरस से पीड़ित हैं. कोरोना दुनिया के करीब 2 सौ देशों तक पहुंच चुका है. विश्व युद्ध के समय 75 साल पहले भी दुनिया मंदी की चपेट में थी आज भी मंदी जैसे हालात हैं.

गुटेरेस ने कहा है कि "कोरोना संकट का सही समाधान तभी हो सकता है जब वैश्विक रूप से सामूहिक प्रयास करने के साथ राजनीतिक खेल बंद करने होंगे क्योंकि विश्व युद्ध में लड़ाई वर्चस्व की थी लेकिन इस बार पूरी मानव प्रजाति दांव पर है."

चीन के वुहान से निकला कोरोना जब यूरोप, अमेरिका समेत पूरी दुनिया पहुंचा तो वो कोरोना से अकेले लड़े. लेकिन भारत ने इसे वैश्विक प्रकोप समझते हुये देश में 21 दिन लॉकडाउन किया. सार्क के 7 पड़ोसी देशों में दवायें, मास्क और जरूरी उपकरण भेजे. उसके बाद पीएम मोदी ने मुहिम में ताकतवर देशों के संगठन जी-20 के साथ रणनीति बनाई. लेकिन विकसित देशों के खुद तक सीमित होने की सोंच और विकासशील देशों की उपेक्षा से आहत यूएन चीफ ने कोरोना को दूसरे विश्व युद्ध से ज्यादा खतरनाक और संघर्ष बढ़ाने वाला करार दिया.

एंटोनियो गुटेरेस ने ये भी कहा कि "विकासशील देशों को ज्यादा खतरा- हम विकासशील देशों की बीमारी से लड़ाई में मदद के लिए हम अभी तक एक वैश्विक पैकेज का ऐलान नहीं कर सके हैं."

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कोरोना से लड़ाई में अच्छी ख़बर ये कि विकासशील देशों में कोरोना से मौत का आंकड़ा विकसित देशों जैसा भयावाह नहीं है. लेकिन गुटेरेस की चेतावनी इस बात को जाहिर करती है कि कोरोना वायरस ने विश्व युद्ध के माहौल पैदा कर दिए हैं.

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