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दुनिया में खत्म होगी आर्थिक मंदी! अमेरिका-चीन में ट्रेड वॉर 'खत्म' होने की सूचना

ट्रेड वॉर जैसी धूर्त कूटनीति के चंगुल से वैश्विक बाजार शायद अब जल्द ही आजाद हो जाएगा. ऐसी अंदरूनी खबर आ रही है कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर खत्म हो गया है. हालांकि, अबतक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. 

दुनिया में खत्म होगी आर्थिक मंदी! अमेरिका-चीन में ट्रेड वॉर 'खत्म' होने की सूचना

नई दिल्ली: पूरे विश्व के लिए एक बड़ी राहत देने वाली खबर आई है. दुनिया भर के बाजार में छाई आर्थिक मंदी का एक बड़ा कारण विश्व के दो बड़ी आर्थिक शक्तियों के बीच के बीच सुप्रीम बनने की होड़ पर अब ब्रेक लगता दिख रहा है. मिली सूचना के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चलता आ रहा ट्रेड वॉर अब शायद थमने वाला है. हालांकि, अबतक इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. दुनिया को आर्थिक मंदी की ओर धकेलने वाला व्यापार युद्ध किसी भी देश के बाजार को निगलने वाला एक खास तरह का लड़ाकू हथियार बन गया था. 

मंगलवार को कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में अब इसके थम जाने के अनुमान मिलने लगे हैं. रिपोर्ट्स में ये दर्शाया जा रहा है कि ड्रैगन (चीन) अब अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर को खत्म करने से संबंधित एक डील पर साइन कर चुका है. अमेरिका और चीन के आपसी सर्वोच्चता के इस जंग का आलम यह था कि पूरा विश्व ही धीरे-धीरे कब कंगाल होने लगा पता ही नहीं चला. अब शायद इसके थम जाने के आसार दुनिया के लिए कितने राहत भरे हो सकते हैं.

 ट्रेड वॉर का ग्लोबल ग्रोथ पर पड़ा बुरा प्रभाव

हालांकि अब भी चीन या अमेरिका की ओर से इसकी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है. वैश्विक जानकारों का मानना है कि ट्रेड वॉर के थम जाना भारत समेत विश्व के अन्य देशों की अर्थव्यस्था के लिहाज से किसी खुशखबरी से कम नहीं. वैश्विक वृद्धि (ग्लोबल ग्रोथ) के गिर जाने के पीछे ट्रेड वॉर का बड़ा रोल रहा है.  अब इसके थम जाने के बाद भारत भी अपने उत्पादों को अन्य देशों में बिना किसी परेशानी के आसानी से एक्सपोर्ट कर पाएगा. 

पहले चरण में चीन ने जताई सहमति

हाल के दिनों में देश के निर्यात दर में भारी गिरावट आ गई थी, जिससे इकोनॉमी खस्ता हाल में चली गई थी. लिहाजा अब एक्सपोर्ट बढ़ने से अर्थव्यवस्था को तेजी से सहारा मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है. इससे पहले ट्रेड वॉर के दौरान में भी भारत और चीन के बीच तेजी से व्यापार तो बढ़ा है, पर इसका फायदा चीन को ही ज्यादा हुआ है.अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक चीन और अमेरिका के बीच पहले चरण की डील पर तो सहमति बन गई है. चीन ने इसे हरी झंडी दिखा दी है और अमेरिका भी इस पर सकारात्मकता के साथ ही पेश आ रहा है. पर अब भी किसी भी देश ने कोई भी खबर की पुष्टि नहीं की है.

कैसे हुई थी ट्रेड वॉर की शुरूआत 

चीन और अमेरिका के  बीच ये ट्रेड वॉर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सत्ता में आने के बाद से ही शुरू हो गया. शुरूआती दिनों में ही अमेरिका और चीन इतनी बुरी तरह उलझ गए कि विश्व के सामने विश्व युद्ध और शीत युद्ध के बाद एक नए प्रकार के खतरे का अंदेशा होने लगा. साल 2017 में अमेरिका ने 200 मिलियन डॉलर के चीनी उत्पाद पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए तो इससे बौखलाए चीन ने 70 मिलियन डॉलर के अमेरिकी उत्पाद पर भारी कर और चुंगी लगाकर पलटवार किया. फिर तो जैसे हर दिन अमेरिका-चीन के बीच ये जंग चलता ही रहा. बढ़ते टैरिफ से परेशान बाजार में उत्पादों की मांगें तो बढ़ने लगीं पर उसका सप्लाई लगातार घटता ही रहा. धीरे-धीरे विश्व के उन देशों पर इसका असर पड़ने लगा जहां इन दो देशों के उत्पाद की बहुलता थी. भारत पर भी इसका असर पड़ा पर बड़ा बाजार और संतुलित आयात-निर्यात से भारत हर वक्त कंट्रोल में रहा. अब जबकि दोनों आर्थिक शक्तियां इस ट्रेड वॉर को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही हैं तो ऐसे में ये विश्व के बाजार पर कितना अनुकूल प्रभाव डालता है, इसकी समीक्षा जरूर की जानी चाहिए.