US President Oath: आखिर Joe Biden के सामने क्यों लगाए गए थे दो लाख झंडे?

शपथ ग्रहण समारोह (Inauguration Ceremony) में कोरोना वायरस महामारी और संभावित हिंसा के खतरे के कारण कई बदलाव किए गए थे. ऐसे में इस साल यहां करीब दो लाख (191,500) अमेरिकी झंडे और 56 लाइट पिलर लगाए गए थे. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jan 21, 2021, 08:21 AM IST
  • Inauguration Ceremony में कोरोना और संभावित हिंसा के खतरे के कारण कई बदलाव हुए थे
  • इस साल यहां करीब दो लाख (191,500) अमेरिकी झंडे लगाए गए, यह नागरिकों के प्रतीक थे
US President Oath: आखिर Joe Biden के सामने क्यों लगाए गए थे दो लाख झंडे?

नई दिल्लीः 35 शब्दों की शपथ लेने के साथ ही Joe Biden अमेरिका के आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति बन गए. 46वें राष्ट्रपति के तौर पर जब बुधवार को उन्होंने White House की ओर कदम बढ़ाया तो तो यह नजारा अद्भुत तो था ही, बल्कि कई मायनों में खास भी था. इसके साथ ही यह समय सबसे अनोखा और सबसे पहला था.

ऐसी कई बातें हुईं जो अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास में इस सत्ता हस्तांतरण में पहली बार देखीं गईं और यादगार बन गईं. 

लगाए गए थे दो लाख झंडे
इन यादागारों के बीच दुनिया भर का ध्यान जिस बात ने अपनी ओर खींचा वह यह था कि White House के जिस वेस्ट फ्रंट पर शपथ ली गई उसके सामने तकरीबन दो लाख झंडे लगाए थे. सवाल उठा कि यह दो लाख झंडे यहां क्यों हैं. दरअसल यह झंडे अमेरिकी नागरिकों के प्रतीक थे. 

ऐसा देश के नागरिकों को सम्मान देने के लिए किया गया था, जो महामारी के कारण इस समारोह में शामिल नहीं हो पाए. यानी अन्य राष्ट्रपतियों से अलग  राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिकी नागरिकों के सामने नहीं बल्कि अमेरिकी झंडों के सामने शपथ ली है. 

झंडों के इस प्रदर्शन को ‘फील्ड ऑफ फ्लैग्स’ का नाम मिला
शपथ ग्रहण समारोह (Inauguration Ceremony) में कोरोना वायरस महामारी और संभावित हिंसा के खतरे के कारण कई बदलाव किए गए थे. ऐसे में इस साल यहां करीब दो लाख (191,500) अमेरिकी झंडे और 56 लाइट पिलर लगाए गए थे. झंडों के इस प्रदर्शन को ‘फील्ड ऑफ फ्लैग्स’ नाम दिया गया है.

शपथ लेने से पहले जो बाइडेन ने एक ट्वीट भी किया था, जिसमें बाइडेन अपनी पत्नी जिल बाइडेन के साथ और नव निर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस अपने पति डगलस एम्हॉफ के साथ दिखाई दे रहे हैं.

इस बार कई बातें हुईं पहली बार
सत्ता के इस हस्तांतरण में ऐसा बहुत कुछ है जो पहली बार हुआ है. खुद राष्ट्रपति Joe Biden सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति चुने गए हैं. उपराष्ट्रपति पहली भारतीय-अमेरिकी महिला उपराष्ट्रपति हैं. पहली बार हुआ कि 152 साल की परंपरा तोड़ी गई. यह परंपरा थी, जिसमें  ट्रंप को नए राष्ट्रपति यानी बाइडन को White House तक ले जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. Trump नए राष्ट्रपति को शपथ ग्रहण के लिए कैपिटल हिल भी लेकर नहीं गए. 

White House  में फर्स्ट लेडी का स्वागत मेलानिया को करना था, लेकिन White House  से पहले ही मेलानिया ट्रंप जा चुकी हैं. इस तरह की बातें इस सत्ता हस्तांतरण को कई मामलों में पहली बार का दर्जा दे रही हैं. 

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