अंतरिक्ष में स्पेस सूट फेल हो जाए तो क्या होगा? जानें कितनी देर जिंदा रहेगा एस्ट्रोनॉट; दहला देगी हकीकत

space suit failure in space: आज के समय में दुनिया के सभी देश अंतरिक्ष पर जाने की दौड़ में हैं. नए-नए मिशनों को करने के लिए कंपनियां एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजती हैं. एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजने के लिए काफी तैयारियां करनी होती हैं. अंतरिक्ष में जाने के लिए एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस सूट पहनाया जाता है.   

Written by - Ayush Mishra | Last Updated : Nov 6, 2025, 04:46 PM IST
  • स्पेस सूट में दिया होता है बैकअप
  • एस्ट्रोनॉट्स को दी जाती है ट्रेनिंग
अंतरिक्ष में स्पेस सूट फेल हो जाए तो क्या होगा? जानें कितनी देर जिंदा रहेगा एस्ट्रोनॉट; दहला देगी हकीकत

space suit failure in space: दुनिया में कई कंपनियां लगातार नए अंतरिक्ष मिशनों को कर रही हैं, जिससे दूसरे ग्रहों पर इंसान की जीवन संभव हो पाए. अंतरिक्ष में जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स को एक विशेष तरह का स्पेस सूट पहनाया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर अंतरिक्ष में स्पेस सूट फेल हो जाए तो क्या होगा? इस रिपोर्ट में हम आपको इसी के बारे में बताएंगे. 

ऑक्सीजन की कमी
स्पेस सूट किसी भी एस्ट्रोनॉट के लिए एक रक्षा कवच की तरह काम करता है. अंतरिक्ष में अगर स्पेस सूट में छेद या फिर उसका दबाव कम हो जाए तो एस्ट्रोनॉट के शरीर में डीकंप्रेशन होना शुरू हो जाता है. चलते शरीर का दबाव बाहर के वैक्यूम से मेल नहीं खाता है. जिससे बॉडी फ्लुइड उबलने लगते हैं और एस्ट्रोनॉट सिर्फ 10 से 15 सेकंड में बेहोश हो जाता है. अंतरिक्ष का वैक्यूम एस्ट्रोनॉट को तुरंत नहीं मारता है लेकिन लगभग 90 सेकंड के अंदर ऑक्सीजन शरीर से पूरी तरह निकल जाता है. हालांकि अगर तुरंत इमरजेंसी ऑक्सीजन और रिकंप्रेशन एस्ट्रोनॉट को मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है. 

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ऑक्सीजन सिस्टम फेल तो क्या
अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट्स को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. अगर अंतरिक्ष में जाने के बाद स्पेस सूट सही हो लेकिन ऑक्सीजन सिस्टम फेल हो जाए तो घुटन के कारण एस्ट्रोनॉट की मौत हो सकती है. हालांकि आज के समय में बनने वाले स्पेस सूट में इस घटना के लिए बैकअप सिस्टम होता है. यह बैकअप सिस्टम एस्ट्रोनॉट को लगभग 30 से 75 मिनट तक ऑक्सीजन देता रहता है. जिससे ऐसी किसी घटना में एस्ट्रोनॉट की जान का बचाव किया जा सके. 

पानी और तापमान भी बन सकता है मौत का कारण
अंतिरक्ष में कई बार स्पेस सूट में पानी घुसने या फिर कूलिंग सिस्टम फेल हो जाने के कारण भी हालात खराब हो जाते हैं. साल 2013 में NASA के लूका पर्मिटानो के स्पेस सूट में पानी भर गया था, जिसके चलते वे स्पेस में लगभग डूबने की स्थिति में हो गए थे.  स्पेस में तापमान कभी 150°C तक पहुंच जाता है तो वहीं कभी -150°C तक गिर जाता है. ऐसे में अगर स्पेस सूट फेल हो जाए तो शरीर तुरंत ही जम जाएगा या फिर जलने लगेगा. इसके साथ ही कॉस्मिक रेडिएशन शरीर के DNA से सिर्फ कुछ ही सेकंड में भारी नुकसान पहुंचा सकता है. 

कई बार होती है सूट की जांच 
हालांकि स्पेस एजेंसियां एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजने से पहले ट्रेनिंग देती हैं. यह ट्रेनिंग इसलिए दी जाती है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत ही कोई प्रतिक्रिया की जा सके. हालांकि अगर स्पेस सूट पूरी तरह से फेल हो जाए तो एस्ट्रोनॉट्स की सिर्फ कुछ ही सेकंड में मौत हो सकती है. इसी के चलते आज के समय में सभी स्पेस एजेंसियां एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजने से पहले सूट की सैकड़ों बार जांच करती हैं.   

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Ayush Mishra

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से ताल्लुक रखने वाले आयुष मिश्रा ने अपनी पत्रकारिता करियर की शुरुआत ज़ी मीडिया के साथ की है. वो फिलहाल ज़ी भारत के लिए ट्रेनी जर्नलिस्ट है. ...और पढ़ें

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