• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 83,004 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,51,767: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 64,426 जबकि अबतक 4,337 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • आरोग्य सेतु को ओपन-सोर्स किया गया, ऐप का Android संस्करण अब समीक्षा और सहभागिता के लिए उपलब्ध है
  • देश भर में 612 प्रयोगशालाओं में एक दिन में 1.1 लाख नमूनों का परीक्षण किया गया: आईसीएमआर
  • रेलवे ने 3274 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया; 44+ लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया
  • वंदे भारत मिशन के तहत 34 देशों मे 173 उड़ानों और 3 जहाजों का परिचालन किया गया
  • सीपीडब्लूडी ने कोविड-19 के दौरान एयर कंडीशनिंग के उपयोग के बारे में दिशानिर्देश जारी किया
  • सीएसआईआर-आईआईआईएम और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) मिलकर कोरोना वायरस के लिए आरटी-एलएएमपी आधारित जांच किट विकसित करेंगे
  • व्यावसायिक उद्यमों / एमएसएमई संस्थानों के लिए ईसीएलजी योजना अब परिचालन में है
  • सीबीआईसी ने 8 अप्रैल से 25 मई 2020 के बीच 11,052 करोड़ रुपये के 29,230 जीएसटी रिफंड के दावों का का भुगतान किया

69 दवायें मारेंगी कोरोना वायरस को

इसे कोरोना से जंग में बड़ी कामयाबी माना जा सकता है. इस जानलेवा वायरस से लड़ने वाली 69 दवाओं की पहचान हुई है..

69 दवायें मारेंगी कोरोना वायरस को

नई दिल्ली: चीनी वायरस जहां दुनिया भर में कोहराम मचा रहा है वहीं उससे बचने के उपाय भी लगातार ढूंढे जा रहे हैं. कई देशों में कोरोना के वैक्सीन और दवा को लेकर रिसर्च चल रही है. वैसे अब तक कोरोना का सही उपचार सामने नहीं आया है, किन्तु कई शोध कामयाब भी हो रहे हैं. अमेरिका में वैक्सीन का मानव के शरीर पर परीक्षण हो चुका है जबकि भारतीय कंपनी सिप्ला और जापानी कंपनी टाकेडा फॉर्मा ने भी दावा किया है कि उन्होंने कोरोना की दवा ढूंढ ली है. इन सबसे बड़ी खबर ये है कि इस वायरस से लड़ने वाली 69 दवाओं की पहचान हो कर ली गई है.

24 दवाओं की टेस्टिंग चल रही है

जानकारी के अनुसार इन 69 दवाओं में से करीब दो दर्जन दवाओं का पहले से ही परीक्षण चल रहा है. अच्छी खबर ये भी है कि मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा क्लोरोक्वीन के परिणाम भी आशाजनक रहे हैं.

क्लोरोक्वीन काम आ सकती है

ये जानकारी चीन में फॉस्फेट के उत्पादन की जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मी के माध्यम से सामने आई है जिसने सिद्ध कर दिया है कि मलेरिया की दवा क्लोरोक्वीन कोरोना संक्रमण रोक सकती है. यद्यपि अभी इसके इस्तेमाल के लिये अंतिम परीक्षण शेष है. शोधकर्ताओं के अनुसार कोरोना के इलाज में 69 दवाएं प्रयोगात्मक तौर पर सफल मानी जा सकती हैं.

फेफड़े की कोशिका को संक्रमित करता है जीन

कोरोना के उपचार हेतु जिन 69 दवाओं की पहचान वैज्ञानिकों ने की है. इन दवाओ की सूची बायोरेक्सिव वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है. ये दवायें शोधकर्ताओं की रिपोर्ट के साथ प्रकाशित हुई हैं. सैकड़ों शोधकर्ताओं का कोरोनो वायरस के जीन पर पहले से ही अध्ययन चल रहा है औऱ इसे सार्स-कोव-2 के नाम से जाना जाता है. फेफड़े की कोशिका को संक्रमित करने वाले इस जीन के लिये उस वायरल प्रोटीन को रोकने की जरूरत है जो कोरोना को बढ़ावा देता है.

नई स्टडी में 26 जीनों की जांच

फिलहाल चल रहे नये शोध में वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के 29 जीनों में से 26 की जांच कर ली है जो वायरल प्रोटीन का उत्पादन करते हैं. इस तरह के 332 मानव प्रोटीनों का अध्ययन इन  शोधकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है. शोधकर्ता मानव प्रोटीन पर असर डालने वाली दवाओं की पहचान में सफल रहे हैं और इन दवाओं का विशेष गुण ये है कि ये कोरोना वायरस को मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोकती हैं.

सूची में एंटीबायोटिक्स भी शामिल

शोधकर्ताओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सूची में एंटीबायोटिक्स भी शामिल हैं,जो प्रोटीन बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले सेलुलर मशीनरी को कम करते हैं और साथ ही बैक्टीरिया को भी मारते हैं. इन दवाओं में से कुछ मानव प्रोटीन से संबन्धित हैं. नये शोध में आशा की जा रही है कि इन दवाओं का प्रभाव एंटीवायरल उपचार बन सकता है.

इसे भी पढ़ें: दुनिया को तबाह करना चाहता है चीन? इसीलिए कोरोना को बनाया सीक्रेट हथियार, पढ़ें सबूत

इसे भी पढ़ें: दुनिया ताकती रह गई, भारत ने तैयार कर लिया कोरोना का इलाज