जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बादल फटने और भीषण बारिश से अचानक आई बाढ़ व भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई. जंगलोट और जोध घाटी गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जहां 7 लोगों की मौत व 5 घायल हुए। SDRF व प्रशासन राहत-बचाव कार्य में जुटे हैं. सभी नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने सतर्कता जारी की है.
1/8जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार तड़के तेज बारिश के बीच बादल फटने की घटना हुई, जिससे इलाके में अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाएं आ गईं.बारिश इतनी तीव्र थी कि कई गांवों में देखते ही देखते पानी भर गया और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया.
2/8कठुआ की कटरा तहसील के जोध घाटी और जंगलोट गांव इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. इन क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ के साथ भारी मलबा भी बहता हुआ आया, जिससे कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और गांवों से बाहर जाने वाले रास्ते बंद हो गए, बचाव कार्य भी मुश्किल हो गया.
3/8प्रशासनिक रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. वहीं पांच से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें त्वरित उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
4/8जंगलोट, बागड़, चांगडा और लखनपुर थाना क्षेत्र के दिलवान-हुतली इलाके में लगातार बारिश के कारण मिट्टी धंसने और भूस्खलन की कई घटनाएं हुई हैं. इससे न सिर्फ आवागमन बाधित हुआ है बल्कि ग्रामीणों के घर व खेतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है.
5/8हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, SDRF और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें सक्रिय हो गईं. भारी बारिश और मुश्किल भू-भाग के बावजूद वे प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और मलबे में फंसे लोगों को निकालने में लगे हुए हैं. कई परिवारों को राहत शिविरों में भेजा गया है.
6/8कठुआ के जिला विकास आयुक्त राजेश शर्मा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. इसके अलावा, बीजेपी विधायक राजीव जसरोटिया ने भी इन इलाकों का दौरा किया. उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में आवश्यक सामग्री, भोजन और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी न हो.
7/8इलाके में लगातार बारिश के कारण उझ नदी सहित अन्य स्थानीय नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है. नदी खतरे के निशान के पास बह रही है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है. प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है.
8/8मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस हादसे पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की है. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि राहत, बचाव और निकासी कार्यों को प्राथमिकता के साथ तेज किया जाए एवं हर प्रभावित परिवार को त्वरित आर्थिक व मानवीय सहायता प्रदान की जाए.