गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और तवी ब्रिज व आर.एस.पुरा गांव का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया. शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और पुनर्वास कार्यों को तत्काल प्राथमिकता दी जाए.
1/8केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. इस दौरान उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. दौरे को लेकर लोगों में उम्मीद और उत्साह का माहौल देखा गया.
2/8गृहमंत्री अमित शाह ने सबसे पहले जम्मू के तवी ब्रिज का निरीक्षण किया, जहां बाढ़ के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं. उन्होंने स्थानीय प्रशासन से स्थिति की पूरी जानकारी ली और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए. लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही.
3/8जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है. कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. शाह के दौरे से प्रभावित क्षेत्रों में यह संदेश गया कि केंद्र सरकार इस मुश्किल घड़ी में राज्य के साथ खड़ी है.
4/8राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए अमित शाह ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाए. उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन मिलकर राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे.
5/8अमित शाह आर.एस.पुरा विधानसभा इलाके के मांगू चक गांव भी पहुंचे. वहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. लोगों ने पानी भराव, फसलों की बर्बादी और मकानों को हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बताया.
6/8गृहमंत्री ने गांव की स्थिति को बारीकी से देखा और अधिकारियों को तत्काल पुनर्वास कार्य शुरू करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री तुरंत पहुंचाई जाए और परिवारों को जरूरी सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएं.
7/8इस दौरान उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, विधायक डॉ. नरेंद्र सिंह रैना और विक्रम रंधावा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. स्थानीय लोगों ने गृहमंत्री से सीधे बात चीत और समस्याओं को खुलकर सामने रखा. इससे लोगों में भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ा.
8/8गांव में बड़ी संख्या में लोग शाह से मिलने पहुंचे. गृहमंत्री के आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी कि उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान होगा. दौरे के बाद प्रशासन ने भी राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.