Jammu Kashmir Flood : जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और भूस्खलन से 12,000 किलोमीटर सड़कें और 105 पुल प्रभावित हुए हैं. सरकार ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया है. उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधर ने NHAI को नए पुलों का ऑडिट करने और जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया है.
1/8जम्मू-कश्मीर इस समय बाढ़ और भूस्खलन की मार झेल रहा है. गांवों में पानी घुस चुका है, सड़कें टूटी हैं और लोग जगह-जगह फंसे हुए हैं.
2/8अधिकारियों के मुताबिक हालिया आपदा में लगभग 12,000 किलोमीटर सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं. यह प्रदेश के सड़क नेटवर्क का बड़ा हिस्सा है.
3/8लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सिंह ने कहा कि Jammu Kashmir की 42,000 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क में से 12,000 किलोमीटर बुरी तरह प्रभावित है.
4/8प्रदेश की Life Line कहे जाने वाला जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे भी तबाही की चपेट में है. उधमपुर-रामबन ब्लॉक में युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य चल रहा है.
5/8NH-44 पर कुल 105 पुलों को नुकसान हुआ. इनमें से तीन पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त थे जिन्हें अब बहाल कर दिया गया है. बाकी जगहों पर मरम्मत जारी है.
6/8कठुआ जिले का सहर खड्ड पुल हाल ही में बना था, लेकिन बाढ़ में ढह गया. उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने NHAI से सवाल किया कि नया पुल इतनी जल्दी कैसे टूट गया.
7/8उपमुख्यमंत्री ने आदेश दिए कि NHAI हाल में बने सभी पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट करे. उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगा.
8/8सरकार ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय से सड़कों और पुलों की बहाली तेजी से करें ताकि प्रभावित लोग जल्द राहत महसूस कर सकें.