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Student Protest : NEET -PG में बदलाव के बाद ओपन मेरिट सीटों में आई कमी से नाराज़ छात्रों ने किया प्रदर्शन !

Jr. Doctors Protest in J&K : मेडिकल छात्र-छात्राओं का कहना है कि रिजर्वेशन पॉलिसी में बदलाव के चलते मेरिट की बुनियाद पर दाखिलों ने एडमिशन प्रोसेस को बुरी तरह प्रभावित किया है. जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि 15 मार्च और 21 मई 2024 को जारी ऑर्डर 176 और 305 और SRO के लागू होने के बाद ओपन मेरिट कोटा कम हो कर 27.30 फीसद रह गया है. जबकि 2018 के SRO 49 के तहत यह कोटा 75 फीसद तक था.

Vipul Pal| Dec 12, 2024, 01:48 AM IST
Student Protest : NEET -PG में बदलाव के बाद ओपन मेरिट सीटों में आई कमी से नाराज़ छात्रों ने किया प्रदर्शन !

Jammu and Kashmir : जम्मू-कश्मीर में NEET -PG फ्रेमवर्क के तहत मेडिकल कॉलेज में मास्टर्स कोर्स के दाखिले में ओपन मेरिट सीट में कमी को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मेडिकल के छात्र उमर सरकार के इस फैसले को बदलने की अपील कर रहे हैं. 

बता दें कि मेडिकल छात्र-छात्राओं का कहना है कि रिजर्वेशन पॉलिसी में बदलाव के चलते मेरिट की बुनियाद पर दाखिलों ने एडमिशन प्रोसेस को बुरी तरह प्रभावित किया है. जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि 15 मार्च और 21 मई 2024 को जारी ऑर्डर 176 और  305  और SRO के लागू होने के बाद ओपन मेरिट कोटा कम हो कर 27.30 फीसद रह गया है. जबकि 2018 के SRO 49 के तहत यह कोटा 75 फीसद तक था. 

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गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में सिर्फ तीन कॉलेज जम्मू गवर्नमेंट मेडिकल कालेज, स्किम्स और श्रीनगर गवर्नमेंट मेडिकल कालेज में MD, MS जैसे स्पेशलिस्ट कोर्स की सीटें है. जिनमें कुल 293 सीट हैं. नया सिस्टम लागू होने से ओपन मेरिट के तहत सिर्फ 78 छात्रों को ही दाखिला मिलेगा. 

ऐसे में, MBBS कर रहे छात्रों का कहना है कि इससे डॉक्टर्स में मायूसी फैल रही है. और उन्हें कोई दूसरा रास्ता तलाश करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. जूनियर डाक्टर्स SRO 17 को रद्द कर MD, MS और दूसरे स्पेशलाइज्ड कोर्स के लिए पुराना सिस्टम बहाल करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि MBBS में वो रिजर्वेशन कोटे के खिलाफ नहीं है. लेकिन टॉप कोर्स के दाखिले में तफरीक नहीं होनी चाहिए. 

स्टूडेंट्स का कहना है कि बासलाहियत उम्मीदवारों को दरकिनार कर रिजर्व कोटे के उम्मीदवार को दोहरा फायदा देना सही रवायत नहीं है. तलबा इस बात से भी नाराज हैं कि मुल्क के दूसरे राज्यों में यह सिस्टम लागू नहीं है. 
उनका कहना है कि गैर अहल लोगों के दाखिले का असर मरीजों की सेहत पर पड़ेगा, केसर टीवी से बातचीत में एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध कुल 293 PG सीटों में से इस साल केवल 78 सीटें ही ओपन मेरिट उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध थीं...

उमर सरकार पर दिखा असर 

वहीं, पूरे जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के दबाव का उमर सरकार पर असर देखा जा रहा है. दरअसल, सरकार ने तीन सदस्यों की एक कमेटी गठित कर दी है. यह कमेटी नई रिज़र्वेशन पॉलिसी का जायज़ा लेगी. जोकि कैबिनेट को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी...
 

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