• ଦିଲ୍ଲୀରେ ଉଗ୍ରରୂପ ନେଇଛି ଚାଷୀ ଆନ୍ଦୋଳନ ।
  • ଆନ୍ଦୋଳନ ସମୟରେ ହିଂସା ଭିଆଉଛନ୍ତି ଆନ୍ଦୋଳନରତ ଚାଷୀ। ଟିକ୍ରି, ସିଂଘୁ, ଗାଜିପୁର ସୀମାରେ ଉତ୍ତେଜନା ।
  • ପୋଲିସ ଉପରକୁ ଢେଲାମାଡ଼ । ଟ୍ରାକ୍ଟର ଚଢାଇବାକୁ ଉଦ୍ୟମ ।
  • ଲାଲକିଲ୍ଲାରେ ଚଢିଲେ ଆନ୍ଦୋଳନରତ ଚାଷୀ ।
  • ଦିଲ୍ଲୀରେ ଅଶାନ୍ତି ବାତାବରଣ, ଉପୁଜିଲା ଆଇନଶୃଙ୍ଖଳା ପରିସ୍ଥିତି
  • ଦିଲ୍ଲୀ-NCR ଅଞ୍ଚଳରେ ଇଣ୍ଟରନେଟ୍ ସେବା ବନ୍ଦ
  • ବର୍ଷ ୨୦୨୧ରେ ଭାରତର ଆର୍ଥିକ ଅଭିବୃଦ୍ଧି ୧୧.୫ ପ୍ରତିଶତ ହେବ: IMF
  • ୱାର୍ଲଡ୍ ଇକୋନୋମିକ୍ ଆଉଟଲୁକ୍ ଅପଡେଟରେ ପ୍ରକାଶ ପାଇଛି, IMFର ଅନୁମାନ
  • ବର୍ଷ ୨୦୨୧ରେ ଦୁଇଅଙ୍କ ବିଶିଷ୍ଟ ଅଭିବୃଦ୍ଧି ହାସଲ କରିବାରେ ଭାରତ ବିଶ୍ୱର ଏକ ମାତ୍ର ଦେଶ
  • ବର୍ଷ ୨୦୨୧ରେ ଚାଇନାର ଆର୍ଥିକ ଅଭିବୃଦ୍ଧି ୮.୧ ପ୍ରତିଶତ ହେବ

ओड़िशा: संजना की जान तुलसी के पौधे में है, अब तो अंधविश्वास की हद हो गई

कटक में संजना का टेस्ट एक NGO की मदद से करवाया गया तो पता चला कि संजना को ब्रेन ट्यूमर ( Brain tumor) है. घर वालों ने बहुत कोशिश की लेकिन संजना के इलाज का पैसे नहीं जुटा पाए इसीलिए वो संजना के लिए दवा नहीं दुआ के बारे में सोचने के लिए मजबूर हो गए

ओड़िशा: संजना की जान तुलसी के पौधे में है, अब तो अंधविश्वास की हद हो गई
10 साल की संजना को कैंसर की बीमारी है

केन्दुझर: 10 साल की संजना को कैंसर (Cancer) की बीमारी है. डॉक्टरों ने जवाब दे दिया है कि वो अब संजना का इलाज नहीं कर सकते, संजना को कटक (Cuttack) में किसी बड़े अस्पताल में दिखाना होगा. दरअसल संजना जब बीमार पड़ी तो उसे केन्दुझर (Kendujhar) के जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन डॉक्टरों ने वहां से संजना को कटक के लिए रेफर कर दिया. संजना के माता-पिता बहुत गरीब हैं. कटक के किसी बड़े अस्पताल में अपनी बेटी का इलाज करवाना उनकी हैसियत से बाहर था.

कटक में संजना का टेस्ट एक NGO की मदद से करवाया गया तो पता चला कि संजना को ब्रेन ट्यूमर ( Brain tumor) है. घर वालों ने बहुत कोशिश की लेकिन संजना के इलाज का पैसे नहीं जुटा पाए इसीलिए वो संजना के लिए दवा नहीं दुआ के बारे में सोचने के लिए मजबूर हो गए. 

संजना के माता-पिता संजना की बीमारी को ठीक करने का उपाय पूछने के लिए कालाजादू करने वाले एक बाबा के पास गए. बाबा ने उन्हें कैंसर ठीक करने का इलाज बताया कि आप लोग अपने घर के आंगन में एक तुलसी का पौधा (Basil plant) लगाइए. आप उस तुलसी के पौधे की रोज़ पूजा करें और तुलसी के पौधे का ऐसे खयाल रखें जैसे कि अपनी बेटी संजना का ध्यान रखते हैं. क्योंकि जब तक आपके आंगन में तुलसी का पौधा जीवित रहेगा, तभी तक आपकी बेटी संजना जिंदा रहेगी. मतलब जिस दिन तुलसी का पौधा मुर्झाया उसी दिन आपकी बेटी मर जाएगी.

संजना के घर के आंगन में अब एक तुलसी का पौधा लगाया गया है. घर में सभी लोग पौधे की पूजा करते हैं और संजना के लिए प्रार्थना करते हैं. घर के सभी लोग तुलसी के इस पौधे का ध्यान अपनी जान से ज्यादा रखा जाता है.

आपको बता दें कि कुछ साल पहले संजना की बड़ी बहन भी एक अंजान जानलेवा बीमारी की वजह से मर चुकी है और अब संजना की हालत भी बिगड़ती जा रही है. अब देखना है अंधविस्वास की अंधगली से बाहर निकलकर संजना की जिंदगी में और एक सुबह कब आएगी.