Lakhimpur Kheri Violence : SIT ने 12 घंटे में पूछे 15 सवाल, आशीष को गिरफ्तार कर भेजा जेल

मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र ने SIT टीम के सामने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए 13 वीडियो और 10 लोगों के हलफनामे पेश किए, लेकिन वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं दे पाए. 

Lakhimpur Kheri Violence : SIT ने 12 घंटे में पूछे 15 सवाल, आशीष को गिरफ्तार कर भेजा जेल
पूछताछ के बाद आरोपी आशीष को जेल ले जाती पुलिस

नई दिल्ली : लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र उर्फ मोनू को करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार  गया. उसे जेल भेज दिया गया है. 11 अक्टूबर को कोर्ट में सुनवाई होगी.  

आशीष मिश्र शनिवार सुबह करीब 10.30 अपनी सफाई पेश करने के लिए लखीमपुर क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचा था. मजिस्ट्रेट के सामने हुई पूछताछ के दौरान SIT टीम के सामने आरोपी आशीष ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए दंगल कार्यक्रम के 13 वीडियो और 10 लोगों के हलफनामे पेश किए. आशीष ने बताया कि वह घटनास्थल पर न होकर एक दंगल कार्यक्रम में था, लेकिन वह इसे साबित नहीं कर पाया.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक वीडियो में दूसरे कपड़े में नजर आने पर आशीष यह नहीं बता पाया कि उसने कपड़े कब और क्यों बदले. इसके अलावा दंगल से करीब दो घंटे आशीष गायब रहा, इस बारे में भी उसके पास जवाब नहीं था. उसके बयान मजिस्ट्रेट के सामने कलमबंद दर्ज किए गए हैं.

आशीष पर हत्या, एक्सीडेंट में मौत, आपराधिक साजिश और लापरवाही से वाहन चलाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. डीआईजी उपेंद्र कुमार के मुताबिक आशीष जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. वह कुछ सवालों के जवाब भी नहीं दे सका, इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया है.

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6 लोगों की टीम ने आशीष से पूछताछ की. इस दौरान आशीष अपने वकील के साथ मौजूद रहा। पूछताछ में डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और लखीमपुर के एसडीएम भी शामिल रहे.

इन 15 सवालों में उलझा आशीष 

  • हिंसा के समय तुम कहां थे?
  • प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हिंसा के समय तुम घटनास्थल पर ही एक वाहन में थे। तुम्हारे काफिले में कितने वाहन थे?
  • तुम्हारे वाहन में और कौन-कौन लोग बैठे हुए थे?
  • जिस वाहन में तुम थे, वह किसका था?
  • वाहन में तुम किधर बैठे थे? वाहन को कौन चला रहा था?
  • जब तुम्हारा वाहन घटनास्थल पर पहुंचा तो भीड़ कितनी थी?
  • भीड़ सड़क पर क्या कर रही थी? क्या भीड़ तुम्हारे वाहनों का रास्ता रोक रही थी?
  • जब पहला आदमी वाहन से टकराया तो वाहन रोका क्यों नहीं?
  • तुम्हारे पास लाइसेंसी हथियार है या नहीं? तुम्हारे साथ वाहन में किस-किस के पास लाइसेंसी हथियार थे?
  • फायरिंग की आवाज वाहनों से कैसे आ रही थी?
  • सोशल मीडिया पर कई वीडियो हैं जो घटनास्थल पर तुम्हारी उपस्थिति साबित कर रहे हैं?
  • अगर घटनास्थल पर नहीं थे तो FIR होने के बाद तुम अंडरग्राउंड क्यों हुए? नोटिस जारी होने के बाद भी पेश क्यों नहीं हुए?
  • तुम किस आधार पर दावा करते हो कि हिंसा के दौरान तुम घटनास्थल पर नहीं थे?
  • तुम घटनास्थल पर न होने के दावे के समर्थन में जो वीडियो दिखा रहे हो, उनकी सत्यता का आधार क्या है?
  • तुम्हारे दावे और उपलब्ध कराए गए साक्ष्य पर पुलिस भरोसा क्यों करे, जब तुमने अब तक कोई सहयोग हीं नहीं किया?