हरियाणा में बिजली हुई सस्ती, उपभोक्ताओं को हर महीने होगा 100 करोड़ रुपये का फायदा

हरियाणा की बिजली कंपनियां अब उपभोक्ताओं ने एफएसए (फ्यूल सरचार्ज) नहीं लेंगी. इस वजह से प्रदेश में बिजली सस्ती हो गई है. कृषि उपभोक्ताओं का एफएसए पहले से ही माफ किया गया है. 

हरियाणा में बिजली हुई सस्ती, उपभोक्ताओं को हर महीने होगा 100 करोड़ रुपये का फायदा
हरियाणा की बिजली कंपनियां लाइन लॉस को 30 फीसदी से कम कर करीब 15 प्रतिशत पर ले लाई हैं, जिसका लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया है.

चंडीगढ़ :  हरियाणा के बिजली उपभोक्‍ताओं के लिए एक राहतभरी खबर है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए प्रदेश में बिजली की दर 37 पैसे प्रति यूनिट सस्ती करने की घोषणा की है बिजली कंपनियों को लाभ होने और बिजली खरीद की दरों में कमी के चलते प्रदेश सरकार ने यह फैसला किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट के जरिये सरकार के इस फैसले से अवगत कराया. 

55 लाख उपभोक्ताओं को फायदा 

कंपनियों ने पिछले साल की तुलना में बिजल 46 पैसे प्रति यूनिट कम दर पर बिजली खरीदी, जिसका लाभ सरकार ने राज्य के 55 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को दिया है. बिजली के दामों में की गई इस कमी से उपभोक्ताओं को हर माह करीब 100 करोड़ रुपये का फायदा होगा. 

मुख्यमंत्री ने पिछले बजट सत्र और इससे पहले हुए विधानसभा सत्र में ऐलान किया था कि सरकार मौका मिलते ही बिजली के दामों में कमी करेगी. 

फ्यूल सरचार्ज देने से मिली राहत 
हरियाणा की बिजली कंपनियां अब उपभोक्ताओं ने एफएसए (फ्यूल सरचार्ज) नहीं लेंगी. इस वजह से प्रदेश में बिजली सस्ती हो गई है. कृषि उपभोक्ताओं का एफएसए पहले से ही माफ किया गया है. 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि बिजली खरीद की लागत में कमी के इस लाभ को आगे उपभोक्ताओं को प्रदान करने के लिए सरकार कटिबद्ध है. आगे भी यदि सरकार को बिजली की खरीद लागत में कमी महसूस होगी या बिजली कंपनियों का लाभ बढ़ेगा तो इसका फायदा राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को दिया जाएगा. 

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अभी इतना था रेट 
हरियाणा में अभी 0 से 50 यूनिट तक 2 रुपये प्रति यूनिट, 51 से 100 तक 2.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली का बिल लिया जा रहा था, लेकिन इसमें 37 पैसे यूनिट की कमी की गई है। इंडस्ट्री के फिक्स चार्ज को 170 रुपये प्रतिकिलो वाट से घटाकर 165 रुपये प्रति किलो वाट पहले ही किया जा चुका है.

लाइन लॉस में आई कमी 
मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य की बिजली कंपनियों ने लाइन लॉस में काफी हद तक कमी की है। एक समय था जब लाइन लॉस 30 फीसदी तक पहुंच गया था. प्रदेश सरकार इसे कम कर करीब 15 प्रतिशत पर ले लाई है, जिसे अगले दो साल में करीब 10 फीसदी पर लाने की योजना है.

उन्होंने बताया कि 1 फीसदी  लाइन लॉस कम होने से बिजली निगमों को करीब 200 करोड़ रुपये का फायदा होता है.