राम केवल बीजेपी और आरएसएस के नहीं, सभी के हैं : फारूक अब्दुल्लाह
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राम केवल बीजेपी और आरएसएस के नहीं, सभी के हैं : फारूक अब्दुल्लाह

जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम ने ताऊ देवीलाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने देश को एक अलग राजनीति दी. उन्होंने कहा कि आज किसान अपना हक चाहता है और कहता है कि ये कृषि कानून गलत हैं, इसे वापस  लो, लेकिन वो (सरकार) उद्योगपतियों के चंगुल में फंसे हैं, वो किसान का भला नहीं चाहते. 

राम केवल बीजेपी और आरएसएस के नहीं, सभी के हैं : फारूक अब्दुल्लाह

रोहित कुमार/ जींद : अनाज मंडी में आज पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय ताऊ देवी लाल की 108वी जयंती पर इनेलो ने सम्मान समारोह का आयोजन किया था. इस दौरान समारोह में मौजूद जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्लाह समेत कई दलों के नेताओं ने देवी लाल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

फारूक अब्दुल्लाह ने ताऊ देवीलाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने देश को एक अलग राजनीति दी. उन्होंने कहा कि आज वतन मुश्किल में है. किसान अपना हक चाहता है और कहता है कि ये कृषि कानून गलत हैं, इसे वापस  लो, लेकिन वो (सरकार) उद्योगपतियों के चंगुल में फंसे हैं, वो किसान का भला नहीं चाहते. 

फारूक अब्दुल्लाह ने कहा कि जब वह जम्मू कश्मीर के सीएम थे, उस वक्त बाढ़ से दिक्कत हुई, किसान की तबाही हुई. हमारे एरिया में पीएम आए तो हमने कहा कि किसानों को देखो, तब कहा गया था कि हजार करोड़ का नुकसान है, लेकिन केंद्र ने मदद केवल 16 करोड़ की दी. किसान आज अपने हक के लिए सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार उनकी सुन नहीं रही हैं, लेकिन एक दिन वो आएगा, जब इन्हें किसानों के सामने झुकना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि हमारे लोग पढ़े लिखे बेकार हैं, नौकरियों का वादा करते हैं कि 50 हजार वैकेंसी देंगे, लेकिन जम्मू में 370 हटाने के बाद आज तक नौकरी नहीं दी गई. ये इस देश को बांट रहे हैं.

पड़ोसी का दोस्त बनने की नसीहत 

फारूक अब्दुल्लाह ने कहा कि देश को आंदोलन के लिए तैयार रहना है. सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये केवल और केवल झूठ बोलते हैं. अब्दुल्ला ने कहा कि वाजपेयी हमेशा कहते थे कि दिल जोड़ने से भारत बचेगा. हम भी यही चाहते हैं. उन्होंने कहा कि पड़ोसी जैसा भी हो, उसे बदल नहीं सकते. पड़ोसी के साथ दोस्त बनकर रहोगे तो तरक्की करोगे, नहीं तो नहीं.

उन्होंने आज की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि क्या नेपाल हमारा दोस्त हैं?  क्या बांग्लादेश हमारा दोस्त हैं? अफगानिस्तान क्या हमारा दोस्त हैं? बड़े भाई को हमेशा याद रखना चाहिए कि अगर वो छोटे भाई को नहीं चलाएगा तो तरक्की नहीं हो सकती. हमें मजहबों और धर्मो की लड़ाई को छोड़कर आगे बढ़ना होगा.

कश्मीर पर झलका दर्द 

उन्होंने कहा कि राम सभी के हैं, लेकिन इन्होंने केवल उन्हें अपना बना रखा है. राम केवल बीजेपी और आरएसएस के नहीं हैं, राम सभी के हैं, ये झगड़ा करवाकर सभी को अलग करना चाहते हैं. कश्मीर के बारे में हमने कब कहा कि ये हिंदुस्तान का नहीं हैं? 370 खत्म करके इन्होंने भारत को कमजोर किया है, जैसे आज किसानों पर सख्ती कर रहे हैं, ये कभी नहीं जीतेंगे. फारूक अब्दुल्लाह ने किसानों को लेकर किए काम पर इनेलो नेताओं की तारीफ की. 

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वहीं रैली में नीतीश कुमार के कहने पर आए केसी त्यागी ने कहा कि देवीलाल के नेतृत्व में 35 साल पहले यहां रैली हुई थी, वो दौर आज याद आ रहा है. उन्होंने कहा कि जो कौमें अपने पुरखों का इतिहास भूल जाती हैं, उनका कहीं जिक्र नहीं होता.
35 साल पहले इनकी क्या ताकत थी, वो देश जानता हैं. पहले मुख्यमंत्री नोमिनेट किए, 5 गर्वनर, पीएम तक आपने बनाएं, लेकिन आज क्या आपकी हालत हैं. आज तो आपको गांव की प्रधानी तक नहीं मिलती. यहीं हाल पश्चिम यूपी में हमारा हैं.

मसलन जो कौमें पुरखों का इतिहास भूल जाती हैं, उनका हाल बेहाल होता हैं. उन्होंने कहा कि रैली में ​नीतिश आना चाहते थे, लेकिन सम और बिहार कुदरत की मार झेल रहे हैं. 6 जिलों में घर से बाहर न निकल पाने वाली स्थिति है. बाढ़ आई हुई हैं वहां, इसलिए उन्होंने मुझे उनकी जगह भेजा हैं. त्यागी ने कहा कि इस परिवार के साथ हमारे पुराने नाते हैं. देवीलाल ने हिंदुस्तान की राजनीति में तब्दीली की थी.

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